Showing posts with label उत्तल लेंस. Show all posts
Showing posts with label उत्तल लेंस. Show all posts

Friday, September 24, 2010

धूप के ताप की तीव्रता का अवलोकन करना Observe the Intensity of Sunlight Heat

धूप के ताप  की तीव्रता का अवलोकन करना Observe the  Intensity of Sunlight Heat
मौसम के मोनिटरण के परियोजना कार्य के अंतर्गत आज इस और ध्यान गया कि कई दिन वर्षा होने के बाद आज तेज धूप निकली है क्यों ना आज धूप की तीव्रता को जानने वाला प्रयोग कर लिया जाए |
सदस्यों ने सारा आवश्यक सामान जैसे 
लोहे के दो स्टैण्ड,एक उत्तल लेंस (साधारण सुक्ष्मदर्शी),सफेद कागज,तापमापी,स्केल लाये 
फोटो के अनुसार अरेंजमेंट सेट किया और एक स्टैण्ड मे सफेद कागज और दूसरे स्टैण्ड मे एक उत्तल लेंस(साधारण सुक्ष्मदर्शी) को लगाया |
कागज और लेंस के बीच की दुरी फोकस दुरी के बराबर होगी वो हमने नाप ली |
हर बार कागज और लेंस के बीच की दुरी इतनी ही रखनी है |
बच्चों ने एक एक घंटे के बाद प्रयोग को दोहराया 
पहला प्रेक्षण ११ बजे प्रात 
दूसरा प्रेक्षण १२  बजे दोपहर 
तीसरा प्रेक्षण १  बजे बाद दोपहर
चौथा प्रेक्षण २ बजे बाद दोपहर
पांचवा प्रेक्षण ३ बजे बाद दोपहर
चारों  प्रेक्षण लेने के बाद कागज पर बर्न स्पोट जलने के धब्बे बने जो की एक समान समयान्तरालों मे बने |
ये जलने के धब्बे मधम पड़ते गए|
१२ बजे दोपहर को सबसे बड़ा और अधिक जला हुआ धब्बा बना |
अब ये जाना जाए ऐसा क्यूँ हुआ ?
उत्तल  लेंस समांतर आने वाली किरणों को एक बिंदु पर एकत्र करता  है इसलिए उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहते है|
अनंत से आनेवाली समांतर किरण उत्तल लेंस में अपवर्तन के पश्चात्  एक बिंदु  पर अभिसरित (converge) होती  है तो उस बिंदु पर  ताप बढ़ जाता है और कागज के ज्वलन बिंदु तक ताप पहुँचने के कारण कागज जलने लगता है |
परन्तु सूर्य की धुप की तीव्रता सभी समय एक जैसे नहीं होती अलग अलग होती है |
तीव्रता सूर्योदय से बढते क्रम मे चल कर सूर्यास्त तक घटते क्रम मे जाती रहती है|  

सूर्य की किरणे एक विशेष कोण (जिसे सूर्य कोण Sun Angles कहते है)
पर पृथ्वी  की सतह पे पड़ती है जिसका मान समय के साथ साथ बढ़ता जाता है और फिर घटता जाता है ऐसा पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने के कारण होता है  


 इसी  कारण से सूर्य की धूप मे हर समय एक समान गर्माहट नहीं होती है |
Sun Angles के इस ज्ञान का उपयोग ठन्डे प्रान्तों मे मकानों की छते और दीवारे बनाने मे किया जाता है ताकि वर्ष भर उपलब्ध सूर्य की धूप की गर्मी एवं प्रकाश को अधिकतम प्राप्त किया जा सके|





निम्न सारणी बना कर आंकड़े एकत्र कर लिए गए  है |




दिनांक -----
क्रम      समय     कागज व लेंस के बीच की दुरी     प्रेक्षण का समय     धब्बे का व्यास    
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------
१           ११ am         ८ इंच                                     ३ मिनट                 २/३ cm 

प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा


Thursday, April 01, 2010

मेरा उत्तल और अवतल लेंस convex and concave lens


मेरा उत्तल और अवतल लेंस convex and concave lens
मेरा उत्तल और अवतल लेंस convex and concave lens

आवश्यक सामग्री एक दवा (टीका) की शीशी, पानी।
बनाने की विधि दवा (टीका) की शीशी की डाट निकले बिना सिरिंज की मदद से उस में पानी भर ले और एक हवा का बुलबुला छोड़ दे ।
कार्य विधि  अब पानी में से देखेगे॓ तो अक्षर बड़े दिखंगे और बुलबुले में से देखेगे॑ तो अक्षर बारीक़ दिखेगे, लो बन गया अपना उत्तल और अवतल लेंस ।
**बल्ब से भी बना कर देखो ।
द्वारा--दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा