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Tuesday, March 01, 2016

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस National Science Day

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस National Science Day
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ख़ास : दर्शन लाल बवेजा
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित
प्रगतिशील किसान धर्मवीर सिंह ने बच्चों को नवाचारी देशज विज्ञान एवं विज्ञान में नवीन आविष्कारों के बारे संबोधित किया।
धरमबीर सिंह जी के साथ 
अलाहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कर्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र ढींगरा ने किया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा की विज्ञान प्राचीन काल से ही खोजपूर्ण, ज्ञानवर्धक, निर्णायक और भविष्य निर्माणक के रूप में मानव सभ्यता के साथ खड़ा है। विज्ञान सदा से निर्माता है विज्ञान संहारक कदापि नही हो सकता बशर्ते निति नियामको और इसके प्रयोक्ताओं की नीयत साफ़ हो।
विज्ञान पुस्तक प्रदर्शनी 
विज्ञान अध्यापक दर्शन लाल ने अपने संबोधन में कहा की इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के लिए चर्चा हेतु विषय ‘देश के विकास में वैज्ञानिक मुद्दों को सार्वजनिक प्रोत्साहन देना हो उद्देश्य’ रखा गया है। इस थीम के अंतर्गत बताया कि अब यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक हो जाता है कि विज्ञान का उपयोग मानव जाति के हित में हो। इसके लिए सभी वैज्ञानिक मुद्दों को समाज में प्रोत्साहित करके विश्वस्तरीय वैज्ञानिक समाज बनाने का दृढ़ संकल्प लेना होगा।
विज्ञान पुस्तक प्रदर्शनी 
इस अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित दामला के निवासी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता व प्रगतिशील किसान धर्मवीर सिंह ने विद्यालय के बाल वैज्ञानिकों के माडलों को देखा व उनको कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी प्रेरणा से बच्चों ने कागज पर बहुत से इनोवेटिव आइडिया बना कर दिखाए। उन्होंने बच्चों के द्वारा बनाए गए बहुत से नवाचारी विज्ञान माडलों को देखा और सराहा। किसान धर्मवीर सिंह ने बच्चों के साथ इनोवेशन, डिजायनिंग, फंडिंग व पेटेंट आदि बिन्दुओं पर चर्चा कि व सुझाव दिए। 
धरमबीर सिंह जी 
उन्होंने अपनी सफलता की कहानी खुद की ही  ज़ुबानी सुना कर प्रेरित किया और कहा कि आविष्कार कभी भी उच्च शिक्षा का मोहताज नहीं रहा है तुम बस सोचो और काम पर लग जाओ सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी।

इस अवसर पर एक विज्ञान पुस्तक व पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गयी। इस मौके पर दर्शन लाल बवेजा, रविंदर कुमार सैनी, लवलीन कौर, संजीव कुमार, प्रदीप धीमान, संदीप कुमार, जसविन्द्र कौर, मीना काम्बोज, सुनीता काम्बोज, भगवती शर्मा, पवन कुमार, मुनीश शर्मा, रीना रानी उपस्थित रहे।
In News




Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Secretary C V Raman Science Club Yamunanagar
Distt. Coordinator NCSC, Haryana Vigyan Manch Rohtak
09416377166
Web Links 


Sunday, March 02, 2014

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कार्यक्रम National Science Day Celebrations

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस National Science Day Celebrations 
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आज विज्ञानी सी वी रमन को किया याद 
‘वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा’  है इस साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम 

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर इस वर्ष दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय मुरथल हरियाणा जिला सोनीपत मे भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। हरियाणा विज्ञान मंच के निमंत्रण पर क्लब की तरफ से विज्ञान मंच के बैनर तले कम लागत के विज्ञान प्रयोगों का कार्नर लगाया गया इसके अलावा चमत्कारों का पर्दाफाश, विज्ञान मंच के प्रकाशनों का स्टाल व विशेष आमंत्रण पर पधारे प्रगति विज्ञान संस्था के श्री दीपक शर्मा व रोहणी गोले ने भी पृथ्वी की परिधि और हाइड्रोराकेट्री के माडलों का प्रदर्शन किया। समारोह के दौरान विज्ञान पेंटिंग प्रतियोगिता, विज्ञान माडल प्रदर्शनी, सेमिनार, रोबोटिक मुकाबलों का भी आयोजन किया गया।
कम लागत के विज्ञान प्रयोग
इन सब कार्यक्रमों के अलावा आयोजन विश्वविद्यालय मे होबी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था जहां पर विवि के छात्र छात्राओं द्वारा अपनी विभिन्न हाबिज़ को प्रकट करती प्रदर्शनी लगाईं हुई थी जिसमे २-२ छात्र छात्राओं ने Coin Collection सिक्के के संग्रह को प्रदर्शित किया हुआ था। उन्होंने विभिन्न देशों के व भारतीय प्राचीन व आधुनिक सिक्कों का संग्रह प्रदर्शित किया हुआ था जो कि काफी सराहा गया।हरियाणा विज्ञान मंच से सतबीर नागल, दीपा कुमारी, वेदप्रिय, ब्रह्मदेव, दर्शन लाल, अजय कुमार व प्रगति विज्ञान संस्था मेरठ से दीपक शर्मा व रोहिणी गोले ने शिरकत की व अपने हुनर से बालकों मे विज्ञान संचार  किया व वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करने मे सम्मिलित प्रयासों को बढ़ावा दिया।
 चमत्कारों का पर्दाफाश
रामन  का नोबल पुरस्कार प्राप्त करना भारत की शान था।          
कईं सदियों तक विदेशी आक्रमणकारियों और शासकों द्वारा दी गयी  गुलामी से प्रभावित रहा भारत देश का वासी जो कि प्राचीन काल मे विज्ञान और गणित का जन्मदाता व अग्रणी रहा था, उस दिन गर्वित अनुभव कर रहा था जब 28 फ़रवरी 1928  को ‘रामन प्रभाव’ की खोज हुई थी। इसी खोज के लिए वैज्ञानिक सी वी रमन वर्ष उन्नीस सौ तीस मे भौतिकी के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किये गये थे। ब्रिटिश शासित देश के लिए यह और भी बड़े सम्मान की बात थी कि उनसे पहले उस समय तक एशिया मे भी किसी वैज्ञानिक को भौतिकी मे नोबल पुरस्कार नहीं मिला था। आज स्थानीय सरोजिनी कालोनी मे सी वी रमण विज्ञान क्लब के सदस्यों ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की पूर्व संध्या पर एक बैठक का आयोजन किया गया और मौजूदा दौर मे भारत मे वैज्ञानिक तरक्की और प्रतिभा पलायन पर रोक विषय  पर चर्चा की गयी।
 पृथ्वी की परिधि और हाइड्रोराकेट्री
कब मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस ?
1928 को सर सी वी रमन ने अपनी खोज की घोषणा की थी उसी यादगार दिन को मानाने के उद्देश्य वर्ष 1986 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार राष्ट्रीय परिषद के परामर्श पर भारत सरकार ने प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा’ रखा गया है। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करना व उनमे और जनमानस मे वैज्ञानिक नजरिया व सोच उत्पन्न करने प्रति उत्साह का संचार करना है।

राकेट लौन्चिंग 
क्या है रमन प्रभाव ?
रामन प्रभाव के बारे मे विज्ञान अध्यापक दर्शन बवेजा ने बताया कि रामन प्रभाव मे यह होता है कि मोनोक्रोमेटिक प्रकाश किरण जब ठोस, द्रव या गैस के पारदर्शक माध्यम से गुजारी गयी और तब इसके विचलन अध्ययन करने पर पता चला कि मूल प्रकाश की किरणों के अलावा भी स्थिर अंतर पर कुछ बहुत क्षीण  तीव्रता की किरणे भी उपस्थित होती हैं। इन किरणों को रमन-किरणे नाम दिया गया। ये किरणे माध्यम के पार्टिकल्स के घूर्णन व कंपन के कारण मूल प्रकाश मे से ऊर्जा में घटत या बढ़त होने से उत्पन्न होती हैं। और इस खोज को रामन इफेक्ट नाम दिया गया रसायन, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान, और कम्युनिकेशन के क्षेत्र मे अन्य खोजों और आविष्कारों मे सहायता मिली। इस खोज के इतने   वर्षों बाद भी  ‘रामन इफेक्ट’  दुनिया भर की आधुनिक प्रयोगशालाओं में ठोस,  द्रव और गैसों के अध्ययन के लिए उपयोग किया जा रहा है
रोबोटिक मुकाबलों का नजारा 
कैसे उत्पन्न  हो वैज्ञानिक सोच? 
भारत जैसे विविधिता परिपूर्ण देश मे जहां का शिक्षा व रोजगार के अवसरों बटवारा समरूप नहीं है भागौलिक व सियासी विविधता परिपूर्ण देश मे विभिन्न धर्म व मतमतान्तरों के चलते अंधविश्वासों से दूर हट कर पूर्ण वैज्ञानिक सोच युक्त हो पाना बहुत कठिन था परन्तु हमारे वैज्ञानिकों और संचारकों ने सभी मर्यादाओं के अंतर्गत किसी को भी बिना ठेस पहुंचाए बहुत हद जनता को वैज्ञानिक सोच के नज़दीक ला दिया है परन्तु फिर भी कभी कभी देखने को मिलता है कि व्यवसायीकरण के इस दौर मे धार्मिक अंधविश्वास का प्रचार भी हावी हो जाता है परन्तु अब कोई भी अंधविश्वास अधिक दिनों तक नहीं जम पाता है और यही समाज मे वैज्ञानिक चेतना का विकास दर्शाता है।
इस अवसर पर विभिन्न  बच्चो ने निबंध लेखन, पेंटिंग, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, विज्ञान सेमीनार और विज्ञान प्रदर्शनी आदि के माध्यम से अपनी क्षमता और और वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
                                                        रिपोर्ट: दर्शन लाल बवेजा 
अखबार मे : पंजाब केसरी


Tuesday, February 28, 2012

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया National Science Day

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया National Science Day 
 स्पेक्ट्रोस्कोपी से ‘रमन प्रभाव’ की खोज  
विज्ञान से होने वाले लाभों के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच पैदा करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तत्वावधान में हर साल २८ फरवरी को देश भर में  राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है इसलिए आज  २८ फरवरी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विधालय अलाहर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया, इस  अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया और एक विज्ञान परियोजना प्रदर्शनी लगाई गयी।
छात्रों ने इस बार की राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की मुख्य थीम ‘स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प और परमाणु सुरक्षा’ पर केंद्रित परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की । इस अवसर पर छात्रों ने विभिन्न विज्ञान विषयों पर अपनी अपनी परियोजना प्रदर्शनी भी लगाई ।
छात्रों ने ऊर्जा के परम्परागत और गैरपरम्परागत साधनों पर चर्चा की और सोलर उर्जा, पवन उर्जा, ज्वारीय उर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों पर विचार प्रस्तुत किये। 
विज्ञान अध्यापक श्री दर्शन लाल 
विज्ञान अध्यापक श्री दर्शन लाल ने बताया कि हर साल भारत में २८ फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है इस दिन प्रख्यात भौतिकिशाष्त्री सर सी.वी.रमन ने १९२८ में स्पेक्ट्रोस्कोपी से ‘रमन प्रभाव’ की खोज की। 
मशहूर भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन द्वारा खोजे गए रमन प्रभाव की मदद से कणों की आणविक और परमाणविक संरचना का पता लगाया जा सकता है और इसीलिए भौतिक और रासायनिक दोनों ही क्षेत्रों में यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दररअसल रमन प्रभाव की खोज ने आइन्सटाइन के उस सिद्धांत को भी प्रमाणित कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रकाश में तरंग के साथ ही अणुओं के गुण भी कुछ हद तक पाए जाते  है। 
इससे पहले न्यूटन ने बताया था कि प्रकाश सिर्फ एक तरंग है और उसमें अणुओं के गुण नहीं पाए जाते. आइन्सटाइन ने इससे विपरीत सिद्धांत दिया और रमन प्रभाव से वह साबित हुआ ।  

 परियोजना रिपोर्ट करती छात्राएं 
इस खोज के दो साल के बाद सर सी.वी रमन को १९३० में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
इसलिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, भारतीय विज्ञान और वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक महान दिन है।
विज्ञान दिवस के अवसर पर स्कूल के बच्चो को विभिन्न विज्ञान प्रयोग करके दिखाए और बच्चो ने भी अपने द्वारा तैयार ‘बेस्ट आउट आफ वेस्ट’ प्रयोग दिखा कर विज्ञान दिवस मनाने में अपना योगदान दिया।    
श्री संजय शर्मा प्रवक्ता ने नाभकीय सयंत्रों की सुरक्षा और उनसे सुरक्षित उर्जा प्राप्ती पर अपने विचार रखे ।
इस अवसर पर दिव्या,सोनम,शिल्पा,प्रियंका,मोहित,अजय,जोनी,रजत,नेहा,दीक्षा ने भी विज्ञान के विभिन्न उपविषयों पर अपने परियोजना पेपर पढ़े ।
मुकेश रोहिल,मनोहरलाल,दर्शन लाल, राम नाथ बंसल,संदीप अध्यापकों का योगदान सराहनीय रहा ।

प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :- दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा

Friday, August 20, 2010

क्लब गतिविधियाँ -विभिन्न दिवस मानना Club Activities

क्लब गतिविधियाँ - विभिन्न दिवस मानना Club Activities
आज  सी. वी. रमण विज्ञान क्लब के सदस्यों ने अक्षय उर्जा दिवस मनाया |
आज श्री राजीव गाँधी जी के जन्म दिन पर अक्षय उर्जा दिवस मनाया जाना लोकप्रिय श्री राजीव गाँधी को प्रेम पूर्वक समर्पण मना जाता है |
दिवसों के मनाये जाने के लाभ:- समय समय पर बच्चों व बड़ों को साथ ले कर विभिन्न दिवसों को मनाया जाना बहुत ही ज्ञानवर्धक होता है | निम्न लिखे गए  दिवस मनाने से जागरूकता का संचार होता है और उस के दूरगामी लाभ भी होते है |
विज्ञान संचार के अंतर्गत मनाये जाने वाले दिवस:-
12 जनवरी -राष्ट्रीय युवा दिवस National Youth Day

  2 फरवरी-विश्व नमभूमि दिवस World Wetland Day
 28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस National Science Day
   21 मार्च -विश्व वानिकी दिवस   World Forestry Day
  7 अप्रैल - विश्व स्वास्थ्य  दिवस  World Health Day 
  22 अप्रैल -विश्व धारा दिवस World Earth Day 
 22 मई-अंतर्राष्ट्रीय जैवविविधता दिवस 
  5 जून -विश्व पर्यावरण दिवस World Environment Day

11 जुलाई -विश्व जनसँख्या दिवस World Population Day 
20 अगस्त -अक्षय उर्जा दिवस (दैनिक जागरण अखबार मे ) 
 जारी है .......
क्लब  सदस्यों ने आज एक अक्षय  उर्जा पर एक परिचर्चा मे भी भाग लिया |
 परिचर्चा के मुख्य बिंदु जिन पर चर्चा की गई |
*उर्जा के वर्तमान साधन 
*उर्जा के वर्तमान साधनों पर जनसँख्या का दबाव 
*उर्जा के गैर परम्परागत साधनों पर विचार 
*सौर उर्जा 
*पवन उर्जा 
*पन उर्जा  
*ज्वारीय उर्जा 
*भू-तापीय उर्जा 
*सागर तरंग उर्जा 
* Ocean thermal energy conversion (OTEC or OTE)
*उर्जा संरक्षण
इस प्रकार विद्यालय  या समुदाय मे विभिन्न दिवस मना कर जागरूकता एवं विज्ञान संचार किया जाता है 
 नोट :- यह  अगस्त 2010 तक की गतिविधियों का अति संक्षिप्त ब्योरा है 
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साईंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा-- दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर, हरियाणा