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Thursday, September 29, 2016

पृथ्वी की परिधि नापी Circumference of Earth

पृथ्वी की परिधि नापी Circumference of Earth

सीवी रमन विज्ञान क्लब सदस्यों ने मापी पृथ्वी की परिधि
सरोजिनी कालोनी स्थित अर्जुन पार्क में सी वी रमन विज्ञान क्लब के सदस्य क्लब प्रभारी दर्शन लाल विज्ञान अध्यापक के नेतृत्व में एकत्र हुए और उन्होंने   पृथ्वी की परिधि नापने के प्रयोग से सम्बंधित गणनाएं की। सूर्य की धूप में छड़ी की परछायी को नाप कर गणितीय गणनाओं से पृथ्वी की परिधि ज्ञात की जाती है। इनके समानांतर स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल हुडा सेक्टर 17 और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर के विद्यार्थियों ने भी अध्यापकों दर्शन लाल, गौरव वालिया, विकास पुंडीर के मार्गदर्शन में यह प्रयोग दोहराया।
क्लब प्रभारी दर्शन लाल ने बताया की 23 सितम्बर के दिन इक्विनॉक्स यानी शरद विषुव होता है इस दिन सैद्धान्तिक रूप से दिन व रात बराबर होते हैं और आज के बाद दिन छोटे और रात लंबी होनी शुरू हैं और उत्तर भारत में शरद ऋतू के आगाज की आहट हो जाती है।
अगला प्रयोग दिसंबर 22 को किया जाएगा।
आज के प्रयोग में इतेश, निखिल, वंशिका, मुस्कान, पारस बत्रा, पार्थवी, पलक बत्रा, नमन श्रीवास्तव, दृष्टि, अवनि, अर्श, काजल, आकाशदीप, कावेरी, अलीशा, राघव, मयंक, नमन, वरुण, केशव, अर्श सैनी ने भाग लिया।
और फोटोग्राफ्स









  Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Secretary C V Raman Science Club Yamunanagar
Distt. Coordinator NCSC, Haryana Vigyan Manch Rohtak
Master Trainer for Low/Zero Cost Science Experiments And Hobby Development
09416377166
Web Links 

Friday, August 31, 2012

क्लब के सदस्यों ने लिए दुर्लभ ब्लू मून के नज़ारे Blue Moon

क्लब के सदस्यों ने लिए दुर्लभ ब्लू मून के नज़ारे Blue Moon


क्लब सदस्य ब्लू मून देखते
क्लब के सदस्यों ने लिए दुर्लभ ब्लू मून के नज़ारे
आज सी. वी. रमण विज्ञान क्लब के सदस्यों ने दुर्लभ ब्लू मून के नज़ारे लिए। विज्ञान क्लब सदस्यों अमन,आंचल,पलक,पारस,पार्थवी,स्पर्ष गम्भीर ने इस नज़ारे को देखकर नयी जानकारी अपने मस्तिष्क कोष में शामिल की।       
मेरी हथेली में चाँद
क्लब समन्वयक दर्शन लाल ने क्लब सदस्यों को ब्लू मून के बारे में बताया कि किसी भी एक कैलेंडर माह के भीतर जब दो बार पूर्णिमा पड़ती है तो इस घटना को ब्लू मून कहा जाता है। इस घटना का ब्लू मून या चांद के नीले हो जाने से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। खगोलीय घटनाओं के क्रम में इस साल अगस्त माह में दो बार पूर्णिमा आयी है। पहली पूर्णिमा दो अगस्त को थी व दूसरी 31 अगस्त को थी। वैज्ञानिकों के अनुसार लूनर माह तथा कैलेंडर माह के दिनों में अंतर के चलते ब्लू मून का नजारा हर तीन साल में एक बार दिखाई देता है। इस वर्ष 31 अगस्त के बाद यह नजारा तीन साल बाद 31 जुलाई 2015 में देखने को मिलेगा।
पार्थवी
एक बार में पूरे चांद के बाद 29.5 दिन की अवधि के बाद दोबारा पूरे चांद के दर्शन होते हैं। ब्लू मून का आशय यह बिलकुल नहीं कि उस दिन चांद का रंग नीला दिखाई देगा। उनके अनुसार जब पहली बार इस घटना की पुष्टि हुई थी तब संयोग वश इस घटना को ब्लू मून का नाम दे दिया गया था तब से आज तक यही नाम चला आ रहा है। 
पारस स्पर्ष
दुनिया भर में लिखी गयी बहुत सी कथा कहानियों में ब्लू मून का जिक्र हुआ है।


स्थानीय  अखबारों ने भी प्रमुखता से छापा .....
दैनिक  भास्कर
 अमर उजाला २-९-१२
प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा







Saturday, August 11, 2012

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in DAV school

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in DAV school
डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के क्लब सदस्य
सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने स्थानीय डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में एक विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी, कम लागत के विज्ञान प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स व विज्ञान माडल लगाए गए।
पोस्टर प्रदर्शनी देखते छात्र
विज्ञान संचार के प्रति वचनबद्ध सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने बहुत मेहनत से व उत्साह दिखाते हुए इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित रोचक जानकारी दी। क्लब सदस्यों ने नेचर से सम्बन्धित पोस्टर्स के माध्यम से प्राकृतिक आपदा, भारतीय ओषधीय पौधे, भारत के ग्रासलैंड्स, भारत की नदियाँ, सूक्ष्मजीवों का संसार, भारत के लुप्तप्राय जंतु, पर्वत, रेगिस्तान खाद्य सुरक्षा, आइलैंड्स, जंगल, समुन्द्र, मूंगे, मैन्ग्रूव्स नम भूमि, भूमिगत जल आदि को दर्शाते पोस्टर दिखाए व समझाए गए, क्लब सदस्य गुन्जोत सिंह ने पोस्टर प्रदर्शनी की कमान संभाली। 
पुस्तक प्रदर्शनी देखते छात्र व अभिभावक
पुस्तक प्रदर्शनी पर क्लब सदस्य भारत बजाज ने बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित विभिन्न पुस्तकों और मैगजीन्स से परिचित करवाया। क्लब सदस्य भारत भास्कर व सूर्य गुप्ता ने अपने माडल प्रकाश का प्रयोग बक्स से अपवर्तन, परावर्तन के प्रयोग करके दिखाए। ऋतिक शर्मा ने किरोसिन आयल व कपूर के मिश्रण से मच्छर मारने की नए प्रकार की मशीन के माडल का प्रदर्शन किया। इस मशीन को बिना बिजली के चलाया जा सकता है और मच्छर इस की और आकर्षित हो कर इस में फंस जाते हैं।
परास बत्रा अपने नवाचारी माडल से समझाते हुए
परास बत्रा ने अपने नवाचारी माडल से सुचालक व कुचालक पदार्थों की पहचान करना बताया। 
क्लब सदस्य हिमांशु शर्मा ने विभिन्न वनस्पतियों से तैयार एक द्रव का प्रदर्शन किया जो कि गाजर घास (कांग्रेस ग्रास) को बढ़ने से रोकता है। इनका यह फार्मूला पेटेंट के लिए आवेदित है।

कम लागत के विज्ञान प्रयोग का प्रदर्शन
क्लब  सचिव दर्शन लाल विज्ञान अध्यापक ने कम लागत के विज्ञान प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स करके बच्चों का ज्ञानवर्धन किया। नीरज व नकुल ने भी खेल खेल में विज्ञान के प्रयोग करके दिखाए।
प्रधानाचार्य व मुख्य अतिथि प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य वी.एस. ठाकुर व रसायन विज्ञान प्रवक्ता सुमन शर्मा, एम.एम.मेडिकल कालेज के रीडर डाक्टर अमित बाली व अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से उनके माडल्स सम्बन्धित प्रश्न पूछे।
श्री आर. पी. गाँधी जी
इस  अवसर पर यमुनानगर के जाने माने तर्कशील श्री आर. पी. गाँधी जी ने बच्चों को अंधविश्वास निवारण पर बहुत ज्ञानवर्धक व्यख्यान दिया।  
प्रधानाचार्य वी.एस.ठाकुर ने सी. वी. रमण विज्ञान क्लब की विज्ञान संचार के प्रति लग्न के मुक्तकंठ से प्रसंशा की और कहा कि इस प्रकार के क्लब बच्चों व अभिभावकों में विज्ञान शिक्षा के प्रति रूचि उत्पन्न करते हैं।
 इस अवसर पर क्लब की तरफ से बच्चों व स्कूल को विज्ञान पुस्तके भेंट की गई। स्कूल के बहुत से बच्चों ने क्लब की सदस्यता ग्रहण की व क्लब की आगामी गतिविधियों में भाग लेने में रूचि प्रकट की। 


प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा
  

Saturday, August 04, 2012

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in MLPS

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in MLPS
माडल प्रदर्शनी
सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने स्थानीय मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल में एक विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी, कम लागत के विज्ञानं प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स व विज्ञान माडल लगाए गए।
पोस्टर प्रदर्शनी
विज्ञान संचार के प्रति वचनबद्ध सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने बहुत मेहनत से व उत्साह दिखाते हुए इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित रोचक जानकारी दी। क्लब सदस्यों ने नेचर से सम्बन्धित पोस्टर्स के माध्यम से प्राकृतिक आपदा, भारतीय ओषधीय पौधे, भारत के ग्रासलैंड्स, भारत की नदियाँ, सूक्ष्मजीवों का संसार, भारत के लुप्तप्राय जंतु, पर्वत, रेगिस्तान खाद्य सुरक्षा, आइलैंड्स, जंगल, समुन्द्र, मूंगे, मैन्ग्रूव्स नम भूमि, भूमिगत जल आदि को दर्शाते पोस्टर दिखाए व समझाए गए, क्लब सदस्य सोनाक्षी ने पोस्टर प्रदर्शनी की कमान संभाली। 
पुस्तक प्रदर्शनी
पुस्तक प्रदर्शनी पर क्लब सदस्य अमन काम्बोज ने बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित विभिन्न पुस्तकों और मैगजीन्स से परिचित करवाया। क्लब सदस्या आंचल काम्बोज ने अपने माडल प्रकाश का प्रयोग बक्स से अपवर्तन, परावर्तन के प्रयोग करके दिखाए। शाश्वत शर्मा ने किरोसिन आयल व कपूर के मिश्रण से मच्छर मारने की नए प्रकार की मशीन के माडल का प्रदर्शन किया। इस मशीन को बिना बिजली के चलाया जा सकता है और मच्छर इस की और आकर्षित हो कर इस में फंस जाते हैं।
माडल प्रदर्शनी
परास बत्रा व पार्थवी ने अपने नवाचारी माडल से सुचालक व कुचालक पदार्थों की पहचान करना बताया। क्लब सदस्य मान्वेंदर शर्मा ने विभिन्न वनस्पतियों से तैयार एक द्रव का प्रदर्शन किया जो कि गाजर घास (कांग्रेस ग्रास) को बढ़ने से रोकता है।
क्लब  सचिव दर्शन लाल विज्ञान अध्यापक ने कम लागत के विज्ञान प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स करके बच्चों का ज्ञानवर्धन किया। अनुराग व अमन काम्बोज ने भी खेल खेल में विज्ञान के प्रयोग करके दिखाए।
मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य मैडम शशि बाठला व रसायन विज्ञान प्रवक्ता श्रीमती मंजू वर्मा, डाक्टर चंद्रशेखर शर्मा व अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से उनके माडल्स सम्बन्धित प्रश्न पूछे। प्रधानाचार्य मैडम शशि बाठला ने सी. वी. रमण विज्ञान क्लब की विज्ञान संचार के प्रति लग्न के मुक्तकंठ से प्रसंशा की और कहा कि इस प्रकार के क्लब बच्चों व अभिभावकों में विज्ञान शिक्षा के प्रति रूचि उत्पन्न करते हैं। 
इस अवसर पर क्लब की तरफ से बच्चों व स्कूल को विज्ञान पुस्तके भेंट की गई। स्कूल के बहुत से बच्चों ने क्लब की सदस्यता ग्रहण की व क्लब की आगामी गतिविधियों में भाग लेने में रूचि प्रकट की। 
प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा
   

Thursday, December 29, 2011

पानी की बूँद उपर कैसे चढ़ी ?A drop of water.

पानी की बूँद उपर कैसे चढ़ी ? A drop of water.
इस प्रयोग में बताया गया है कि बुलबुला उपर कैसे चढ़ा,बच्चों की जिज्ञासा अब इतनी बढ़ चुकी है कि वो गतिविधियों को देखते है और साथ के साथ उस को बना भी डालते हैं . आओ जाने कैसे हुआ यह ?
आवश्यक सामग्री : एक इंजेक्शन की खाली शीशी,एक पेन का खाली रिफिल (5 cm) का टुकड़ा,शीशी की रबर की ढक्कन,पानी आदि 
सिद्धांत : वायु गर्म होने पर फैलती है. 
पानी की बूँद डालते हुए 
कार्य विधि : शीशी की रबर कैप में किसी नोकदार कील या तार से छेद कर लेते हैं फिर बाल पेन के खाली रिफिल का 5 cm का टुकड़ा काट लेते हैं इस रिफिल के टुकड़े को रबर कैप में किये गए छेद में डाल देते हैं और ढक्कन को शीशी पर चढ़ा देते हैं अब इस रिफिल पाईप में दो तीन बूंद पानी की डालते हैं.
नोट यदि पानी रिफिल में नीचे न जा रहा हो तो थोड़ा सा ढक्कन ढीला कर के फिर कस देते है. अब अपनी दोनों हथेलियों को जोर जोर से रगड़ते हैं जब वो बहुत हर्म हो जाए तो शीशी को हथेलियों में लेते हैं तब हम क्या देखते है कि पानी की बूँद नली में उपर चढ़ने लगती है .
शीशी को पकडना 
ऐसा क्यूँ हुआ ? : जब हम गर्म हथेलियों में शीशी को पकड़ते हैं तो शीशी के अंदर की वायु गर्म होती है और गर्म हो कर वायु फैलती है और उपर जाती है यह गर्म  हुई वायु  रिफिल में से आगे जाती है क्यूंकि एक वो ही मार्ग है गमन के लिए और उस मार्ग का रास्ता रोका है पानी की बूँद ने, अतैव वायु पानी की बूँद को भी आगे धकेलती है और पानी नी बूँद बाहर निकल जाती है.
इस प्रयोग में हमने गर्म वायु का विस्तार और सम्पीडन समझा.
इस प्रयोग का विडियो भी देख सकते है जो की एक बच्चे ने किया है 
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :- दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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Sunday, October 23, 2011

अंतर्राष्ट्रीय रसायन वर्ष के उपलक्ष्य मे भाषण प्रतियोगिता Declamation contest under International Year Of Chemistry

अंतर्राष्ट्रीय रसायन वर्ष के उपलक्ष्य मे भाषण प्रतियोगिता
 Declamation contest under International Year Of Chemistry
16-10-2010 को सी.वी. रमन विज्ञानं क्लब के सदस्यों ने विश्व खाद्य दिवस पर भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से अपने विचार रखे ।
प्रतिभागियों में आंचल,विनीता,वंशिका,ईशप्रीत,अमन,कार्तिक,पारस,स्पर्श,अंशी,अर्श,लव तुली,वंशिका तुली,पाथर्वी,अंशवी ने अपने विचार रखे ।
निर्णायक का कार्य श्री श्रीश शर्मा जी किया
मंच संचालन का कार्य दर्शन लाल जी ने किया
इस प्रतियोगिता के मुख्य विषय थे,
रसायन विज्ञान दैनिक जीवन में;
मेरा मनपसंद विषय विज्ञान;
मशीने लील गयी बच्चों की ख़ुशी भरी आवाज;
जल है तो कल है;
भोजन : सब की आवश्यकता इसे बर्बाद न करें;  
प्रदुषण मुक्त दीवाली ।
झलकियां.......
ये हैं पुरूस्कार..आंचल,विनीता,वंशिका,ईशप्रीत,अमन,कार्तिक,पारस,स्पर्श,अंशी,अर्श,लव तुली,वंशिका तुली,पाथर्वी,अंशवी रसायन विज्ञान रोजमर्रा की जिन्दगी में  subject i like most chemistry in daily life blog-5 water for life science i like most मशीने लील गयी बच्चों की ख़ुशी भरी आवाज subject i like most is science  पुरस्कार वितरण प्रथम पुरस्कार वितरण द्वितीय पुरस्कार वितरण तृतीय पुरस्कार वितरण चतुर्थ प्रोत्साहन पुरस्कार निर्णायक श्री श्रीश शर्मा जी को भी सम्मानित किया गया
क्लब का आगामी कार्यक्रम निबन्ध लेखन रखा गया है।
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :- दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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Saturday, October 15, 2011

सोडियम का डांस Dancing Sodium

सोडियम का डांस Dancing Sodium
आज काफी दिनो के बाद परीक्षाओं से निपट कर बच्चों ने  विज्ञान के खेल देखने की फरमाइश की तो आज फिर उन को दिखाया गया की सोडियम किस प्रकार  पानी और केरोसिन तेल के बीच में डांस करता है जब सोडियम पानी के सम्पर्क में आता है तो वो पानी से क्रिया कर के उछलता है और जैसे ही उछल कर पानी की सतह से उपर जाता है तो केरोसिन तेल में जाकर फिर नीचे आता है।  
प्रयोग के चरण़
1. एक परखनली मे थोड़ा पानी लेते हैं।
2. पानी में 2-3 बूँद फिनोफ्थलीन सूचक की डालते हैं।
3. मिट्टी का तेल डालते हैं।
4. अंत में एक छोटा सा टुकड़ा सोडियम का डालते हैं।
5. जैसे ही सोडियम पानी के सम्पर्क में आता है रासायनिक क्रिया होती हैं जिस का रासायनिक समीकरण यह है।
2 Na + 2 H2O = 2 NaOH + H2  
यदि सोडियम धातु के छोटे से टुकड़े पर पानी की बूंदे डाली जाएँ तो सोडियम हाइड्रोआक्साईड NaOH
क्षार बनता है और हाइड्रोजन गैस बनती है. 
6. जब सोडियम पानी के सम्पर्क में आता है तो वो पानी से क्रिया कर के उछलता है और जैसे ही उछल कर पानी की सतह से उपर जाता है तो केरोसिन तेल में जाकर कोई क्रिया नही होने के कारण फिर से नीचे आता है नीचे आ कर फिर से पानी से क्रिया कर के उछलता है।  
7. सोडियम की जल से क्रिया पानी मे फिनोफ्थलिन  सूचक के कारण घोल का रंग गुलाबी हो जाता है अर्थात यह घोल NaOH  क्षारीय प्रकृति का होता है.
8. सोडियम का यह नृत्य तब तक चलता रहता है जब तक पूरा सोडियम पानी से क्रिया कर के समाप्त ना हो जाये।

देखें यह विडीयो
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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