क्या?? भार भ्रम भी होता है ? Weight Illusion ?
जी हाँ चकित मत होईये ,दृष्टी भ्रम की ही तरह ही होता है भार भ्रम भी
हमारी आँखे धोखा खा जाती है
ठीक उसी प्रकार हमारा दिमाग/मांसपेशियाँ भी भार का सही हिसाब नहीं लगा सकता
दिमाग/मांसपेशियाँ को धोखा देना आसान है भार के मामले मे
आईये एक साधारण प्रयोग से समझने की कोशिश करें की क्या होता है भार भ्रम ?
आवश्यक सामग्री :- दो खाली एलुयूमिनियम की सोफ्ट ड्रिंक केन ,थोडा एकदम सूखा रेत ,ब्राऊन सेलो टेप
प्रयोग विधि :- एक केन खली और दूसरी केन मे फुल्ल रेत भर लो | दोनों केन्स को ब्राऊन सेलो टेप से चित्रानुसार एक दम बंद कर दो यानी कवर कर दो |
अब किसी अन्य व्यक्ति को बुला कर उस के दोनों हाथों मे अलग अलग दोनों केन्स रख दो |
वो आसानी से बता देगा की एक भारी है और दूसरी हलकी है वजन मे
1. अब उस के केवल एक हाथ मे नीचे भारी और उस के ऊपर हलकी वाली केन रखते है
अब उस व्यक्ति से ये पूछो कि उस को कौन सी बार हाथ पर आधिक भार लगा ??
निसंदेह वो दूसरी बार यानी नीचे हलकी और उस के ऊपर भारी वाली बार को ही ज्यादा भारी बताएगा
हालाकि वो व्यक्ति भी जनता है कि दोनों बार भार तो बराबर ही था |
ये है भार भ्रम का प्रयोग
खुलासा :- जब भारी केन नीचे और हलकी केन ऊपर होती है और फिर जब हलकी केन नीचे और भारी केन ऊपर होती है तो दिमाग को यही पर भार भ्रम हो जाता है
क्योंकि भारी केन नीचे होने पर मांसपेशियाँ आधिक भार उठा रही होती है परन्तु जब स्तिथि बदल कर हलकी केन नीचे रखी जाती है तो मांसपेशियाँ आधिक भार उठाने के लिए तैयार नहीं होती है क्योंकी हथेली पर हलकी केन है जबकि मष्तिष्क को पता होता है की अगली केन जो रखी जानी है वो भारी है
इसीलिए हो जाता है भार भ्रम
प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

