आवश्यक सामग्री…एक शुष्क सेल(बड़े वाला), एक लोहे की कील, कपड़ा चढ़ी हुई कॉपर (ताम्बे) की तार, आल पिन या स्टेपलर की पिने।
सिद्धांत...जब लोहे की कील पर किसी चालक तार की कुंडली बना कर विधुत प्रवाहित की जाती है तो वाह लोहे की कील चुम्बक की भांति व्यवहार करती है ये है विद्युत चुम्बकत्व (Electro Magnetism)

द्वारा--दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा
सिद्धांत...जब लोहे की कील पर किसी चालक तार की कुंडली बना कर विधुत प्रवाहित की जाती है तो वाह लोहे की कील चुम्बक की भांति व्यवहार करती है ये है विद्युत चुम्बकत्व (Electro Magnetism)
बनाने की विधि...यह मॉडल बनाने के लिए एक लोहे की कील पर कपड़ा चढ़ी कॉपर(ताम्बे) की तार की कुंडली बना लेते है (कपड़ा चढ़ी कॉपर ताम्बे की तार आपके स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला में होगी वहाँ से ले ले) तार के दोनों सिरों से कपड़ा उतार ले चित्रानुसार एक सिरे को सेल( बेटरी)के धन (+) भाग और दूसरे सिरे को ऋण (-) भाग से टच करने से लोहे की कील विद्युत चुम्बक (Electro Magnet) बन जायेगी।
अब इस विद्युत चुम्बक की सहायता से आप आल पिन या स्टेपलर की पिने चिपका कर देखे,वे पिने लोहे की इस कील से चिपक जाती है इस प्रकार बन जाती है आपकी विधुत चुम्बक।
यह मॉडल कक्षा 6 के विद्यार्थियों में बहुत लोकप्रिय है व उन के पाठ्यक्रम में भी है। मैंने बच्चों को स्कूल से कपड़ा चडी हुई ताम्बे की तार दी और उन्हें ब्लैक बोर्ड पर इसको बनाने की विधि बता दी कक्षा 6 के बच्चों ने कील और सेल का इंतजाम खुद किया और बना लाये अपनी अपनी विधुत चुम्बक।
अब उन के अनुभव सुने जिनको सुन कर आनंद हुआ की सीखने की जिज्ञासा हाथ से कर के देख लेने पर संतुष्ट होती है। साधनों की कमी से ग्रसित ग्रामीण इलाको के विद्यालय और सिखावनियों (मास्साबों) की अरुचि विज्ञान जैसे रूचि कर विषय को भी नीरस बना देती है।
प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणाद्वारा--दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा
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