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Saturday, October 10, 2015

भारत के अन्तरिक्ष में बढ़ते क़दम WSW-2015

भारत के अन्तरिक्ष में बढ़ते क़दमों से पूरी दुनिया आश्चर्यचकित – शशि बाठला
विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के छठे दिन आज आज स्थानीय मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी मे अंतरिक्ष में खोज और नयी तकनीक विषयों पर एक भाषण प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का शुभारम्भ विद्यालय की प्रधानाचार्या शशि बाठला ने किया और अपने संबोधन में बच्चों को बताया कि भारत के अन्तरिक्ष में बढ़ते क़दमों से पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है। भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो नित नए रिकार्ड कायम कर रहा है जिस से विश्व के लिये भारत एक बड़ा अन्तरिक्ष बाज़ार बन रहा है। 
बहुत से देश अपने उपग्रह अब भारत से प्रक्षेपित करवा रहें है जो कि हम सब के लिए गर्व का विषय है। हमारे लिए और भी गर्व की बात है कि नासा जैसे विश्वविख्यात अन्तरिक्ष प्रतिष्ठान में भी बहुत से अन्तरिक्ष वैज्ञानिक भारतीय या भारतीय मूल के ही हैं। एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने  देश के पहले ‘एस्ट्रोसैट’ उपग्रह पीएसएलवी-सी30 का प्रक्षेपण कर इतिहास रच दिया। 
यह भारत का पहला एस्ट्रोसैट उपग्रह है और इससे ब्रहांड को समझने और सुदूरवर्ती खगोलीय पिंडों के अध्ययन करने में में मदद मिलेगी। 513 किलोग्राम का एस्ट्रोसैट उपग्रह को 6 अन्य विदेशी उपग्रहों के साथ प्रक्षेपित किया गया, जिससे दुनिया के अन्तरिक्ष तकनीक से लैस चंद नामी देशों में भारत का नाम भी आ गया। 
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा भी चंद्रयान, मंगल मिशन, परग्रहीय जीवन की खोज, अन्तरिक्ष कचरा और निवारण, मौसम और जलवायु नियन्त्रण पर अन्तरिक्षीय नजर, मिशन बृहस्पति, एलियन से दोस्ती, मंगल पर जल और जीवन की तलाश विषयों पर चर्चा की गयी।
बालकों ने खगोलीय घटनाओं सूर्य व चन्द्र ग्रहण आदि के अवलोकन का सामजिक, धार्मिक दृष्टि से प्रचलित अंधविश्वासों पर मंथन और निवारण विषयों पर अपने विचारों और समझ को आपस में सांझा किया। इस अवसर पर बच्चों ने जिला समन्वयक दर्शनलाल से अन्तरिक्ष विज्ञान और विज्ञान पत्रकारिता जैसे क्षेत्र में कैरियर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।    
परिणाम

इन प्रतियोगिताओं में शालिनी भट्ट, मानवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आकांक्षा राणा व अमन सैनी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पारस बतरा व यश कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।। इस कार्यक्रम मे किरण मनोचा, पूजा कालरा व ममता वर्मा सचदेवा, साक्षी सिक्का व जसप्रीत कौर अध्यापिकाओं का योगदान सराहनीय रहा।

अखबारों में 

Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Secretary C V Raman Science Club Yamunanagar
Distt. Coordinator NCSC, Haryana Vigyan Manch Rohtak
Web Links 

Monday, September 24, 2012

मुकुन्द लाल पब्लिक स्कूल में पृथ्वी की परिधि मापने का प्रयोग संपन्नCircumference of Earth Experiment at MLPS ynr



मुकुन्द लाल पब्लिक स्कूल में पृथ्वी की परिधि मापने का प्रयोग संपन्न  Circumference of Earth Experiment at MLPS ynr 
मुकुन्द लाल पब्लिक स्कूल में पृथ्वी की परिधि मापने का प्रयोग संपन्न
उन्नयन कोण
आज मुकुन्द लाल पब्लिक स्कूल, सरोजनी कॉलोनी, यमुनानगर में पृथ्वी की परिधि मापने का प्रयोग करवाया गया। इस प्रयोग व कार्यशाला का उद्घाटन प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला ने किया। कार्यक्रम में सबसे पहले दो घंटे बच्चों को इरैटोस्थनीज, उन्नयन कोण, त्रिकोणमिति, सूर्यकोण मापन, न्यूनतम परछायी, अक्षांशीय व देशान्तर रेखाओं आदि की सैद्धान्तिक जानकारियाँ दी गई। इस प्रयोग में 10 समूहों में कुल 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
50 बाल वैज्ञानिक
11 बजे से 12:30 बजे तक सीवी रमण विज्ञान क्लब के प्रभारी दर्शन लाल ने बच्चों को यह प्रयोग करना सिखाया जिसमें पाँच-पाँच विद्यार्थियों का समूह बनाकर जमीन पर लंबवत खड़ी नोमोन (छड़ी) की परछायी को चार-चार मिनट के अंतराल पर नाप कर दर्ज किया गया। छड़ी की परछायी जब घटते-घटते न्यूनतम हो जाती है तो उसे माप लेते हैं और त्रिकोणमिति के सूत्रों की सहायता से सूर्यकोण ज्ञात कर लेते हैं। इसके बाद विशेष प्रकार की गणनाओं से पृथ्वी की परिधि ज्ञात की गई तथा परिणामों को फ्राँस की अंतर्राष्ट्रीय संस्था को ईमेल द्वारा भेजा गया।
विहंगम दृश्य
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस प्रयोग में बहुत से देशों के बच्चे भाग ले रहे हैं। इनमें फ्राँस, अर्जेंटीना, स्पेन, मलेशिया, जर्मनी, कनाडा, स्लोवेनिया, मोरक्को, रोमानिया, सर्बिया, माल्टा, मिश्र तथा अमेरिका आदि देशों के बच्चे शामिल हैं। भारत में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जम्मू तथा कश्मीर, गुजरात, असम, महाराष्ट्र इत्यादि राज्यों के बच्चे इस प्रयोग को 21, 22 और 23 सितंबर को कर रहे हैं। 27 सितंबर को इस प्रयोग को करने वाले सभी देशों के बच्चे एक अंतर्राष्ट्रीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आपस में रूबरू होंगे और प्रयोग से संबंधित अपने अनुभव साँझे करेंगे तथा प्रयोग के परिणाम घोषित किए जाएँगे। सबसे कम त्रुटि के साथ पृथ्वी की परिधि मापने वाले समूह को अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण पत्र से नवाजा जाएगा।
इस अवसर पर काजल, अमन, पारस, कार्तिक, सक्षम, स्पर्श, विभूति, मीली, वंशिका आदि प्रतिभागियों ने यह प्रयोग करना सीखा। 
इस अवसर पर डॉ॰ ममता वर्मा, मेघा शर्मा, गीतू साहनी, किरण मनोचा, दर्शन लाल, श्रीश बेंजवाल शर्मा, संजय शर्मा आदि ने सहयोग दिया।

प्रयोग  से प्राप्त आंकड़े जिन्हें भेजा गया है।


अखबारों में भी इस प्रयोग की धूम मची रही।

अमर उजाला अखबार 



आज  समाज अखबार


हरियाणा का दैनिक ट्रिब्यून

इस प्रयोग के विडियो देखें

एक और देखें 

प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा