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Saturday, June 02, 2012

शुक्र पारगमन अवलोकन की तैयारियां पूरी Safe Solar Viewer

शुक्र पारगमन अवलोकन की तैयारियां पूरी  Safe Solar Viewer
Safe solar Viewer
सेफ सोलर व्यूअर भेंट किये गए
आज सी. वी. रमण विज्ञान क्लब सरोजिनी कालोनी के सदस्यों को सुरक्षित शुक्र पारगमन अवलोकन का अंतिम प्रशिक्षण दिया गया और इस अवसर पर उनको सुरक्षित सूर्य अवलोकक सेफ सोलर व्यूअर Safe solar Viewer भेंट किये गए। जैसा कि पता ही है कि 6 जून को शुक्र पारगमन की दुर्लभ खगोलीय घटना घटित होने जा रही है तो इस अवसर पर क्लब सदस्यों ने पूरे महीने जोर शोर से इस खगोलीय घटना का प्रचार किया इसलिए वो इस अवलोकन के लिए बहुत ही बेताबी से 6 जून का इन्तजार कर रहे हैं।
हमे सूर्य को कभी भी सीधे नहीं देखना चाहिए ऐसा करने से गंभीर नेत्र समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सूर्य के अवलोकन के लिए केवल सौर डिस्क का प्रक्षिप्त बिम्ब देंखे। दूरबीन/बाइनाक्यूलर और पिनहॉल कैमरा से सूर्य के बिम्ब का प्रेक्षेपण दीवार पर या स्क्रीन पर प्राप्त करके सूर्य के प्रतिबिम्ब को ही देखें। वैज्ञानिक रूप से जांचे गये व किसी अधीकृत विज्ञान संस्था द्वारा उपलब्ध करवाये गए  सौर फिल्टर का इस्तेमाल करक ही सूर्य की ओर देखना चाहिए। सूर्य का अवलोकन कैसे करें और कैसे ना करें के बारे में क्लब समन्वयक विज्ञान अध्यापक दर्शन लाल ने बताया कि  सूर्य का अवलोकन सुरक्षित फिल्टर या परोक्ष प्रक्षेपण पद्धति द्वारा किया जा सकता है। इस खगोलीय घटना को देखने के लिए केवल वैज्ञानिक रूप से जांचे गए सौर फिल्टर का इस्तेमाल करके ही सूर्य की ओर देखना चाहिए। सुरक्षित सौर फिल्टर के बिना खुली आंखों से पारगमन की किसी भी कला को देखने का प्रयास नहीं करना चाहिए। दूरबीन से सीधे कभी नहीं देखना चाहिए। धुएंदार शीशों , रंगीन फिल्मों , धूप के चश्मों , न्यूटल पोलराइजिंग फिल्टरों का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये सभी असुरक्षित हैं। 
शुक्र पारगमन की घटना को देखने के लिए श्याम पोलिमर फिल्म से बने फिल्टर भारत में विभिन्न विज्ञान संस्थाओं ने  उपलब्ध करवाये हैं। यमुनानगर में यदि कोई व्यक्ति यह सेफ सौर फिल्टर लेना चाहता है तो सम्पर्क कर सकता है क्लब यह निशुल्क (वापसी की शर्त पर) उपलब्ध करवा रहा है परन्तु इसके उपयोग के लिए 5 मिनट का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।   
अवलोकन के दौरान सावधानियां इस अद्भुत नजारे को देखने से पूर्व जांच कर लेनी चाहिए कि  सेफ सोलर व्यूअर की फिल्म को कोई क्षति तो नहीं हुई है। बच्चों द्वारा इसका प्रयोग बड़ों के निरीक्षण में किया जाए। एक बार में इसका प्रयोग रुक-रुककर कुछ सेकण्डों के लिए ही करना चाहिए। आंखों की शल्य चिकित्सा या आंखों की बीमारी होने पर इसका प्रयोग न करने की सलाह दी गई है।
क्लब सदस्यों ने कुल 12 स्थानों पर शुक्र पारगमन दिखाने की व्यवस्था की है तैयारियां लगभग पूरी हैं। जिसमे निम्न क्लब सदस्य को जिम्मेदारी दी गयी है कि वो अपने मार्गदर्शन में सुरक्षित शुक्र संक्रमण का अवलोकन प्रतिबिम्ब विधि  व सेफ सोलर व्यूअर से करवाएं।
सरोजिनी  कालोनी - अमन काम्बोज, हुडा सेक्टर-18 - मानविंदर शर्मा, अलाहर - अरुण व शिवम, पालेवाला - कपिल कुमार, कैम्प एरिया - सक्षम वत्स अवलोकन की कमान संभालेंगे।
अखबारां  में खबर .....
 

Friday, May 18, 2012

यमुनानगर में शुक्र पारगमन की दृश्यता की समयसारणी जारी Timetable of Transit of Venus

यमुनानगर में शुक्र पारगमन की दृश्यता की समयसारणी जारी  Timetable of Transit of Venus
दो काली घड़ियाँ बताती हैं कि उस वक्त रात्रि (अँधेरा) होगी
पारगमन की अवस्थाएं एवं समय
आज सी.वी.रमण विज्ञान क्लब द्वारा यमुनानगर की सरोजिनी कालोनी के लिए शुक्र पारगमन की दृश्यता की समयसारणी जारी की गई। इस अवसर पर क्लब सदस्यों की एक बैठक बुलाई गयी और उस में कम्प्यूटरीकृत सोफ्टवेयर की मदद से पारगमन की समयसारणी  जेनरेट की गई और वह चित्र भी प्राप्त किया जिससे पता चला है कि इस बार शुक्र ग्रह पारगमन का पथ यमुनानगर में हॉकी स्टिक जैसा बनेगा।
शुक्र पारगमन समस्त भारत समेत यमुनानगर में तब शुरू हो चुका होगा जब सूर्योदय नहीं हुआ होगा। शुक्र पारगमन की पांच अवस्थाएं होती है जो शुक्र ग्रह के सूर्य पर पथ के अनुरूप होती हैं। सूर्योदय से पहले दो अवस्थाएं जा चुकी होंगी। जब सूर्योदय होगा तब शेष तीन पारगमन अवस्थाएं हम देख सकेंगे। इन पांच में से अवस्थाओं को पारगमन सम्पर्क कहते हैं और बीच की अवस्था को महत्तम पारगमन कहते हैं।
यमुनानगर सरोजिनी कालोनी और लगभग सारे शहर के लिए शुक्र पारगमन 6 जून 2012 की समय सारणी इस प्रकार है। सम्पर्क एक यानी बाह्य अन्तः प्रवेश प्रातः 03:39:12 बजे, सम्पर्क दो यानी आंतरिक अन्तः प्रवेश प्रातः 03:57:00 बजे, सूर्योदय प्रातः05:19:43 बजे, महत्तम पारगमन अवस्था प्रातः 07:00:51 बजे, सम्पर्क तीन यानी आंतरिक निर्गमन प्रातः 10:05:11 बजे, सम्पर्क चार यानी बाह्य निर्गमन प्रातः 10:22:30 बजे होगा।
क्लब प्रभारी दर्शन लाल (मैं) विज्ञान अध्यापक जो कि शौकिया खगोलशास्त्री भी हैं ने बताया कि हम सूर्योदय से लेकर सम्पर्क चार सम्पर्क चार यानी बाह्य निर्गमन प्रातः 10:22:30 बजे तक शुक्र पारगमन अवलोकन का आनंद उठा सकते हैं। यह अवलोकन कुल पारगमन का 57% होगा और पारगमन का पथ हॉकी स्टिक की तरह होगा। अगर हम इस दुर्लभ खगोलीय घटना को इस बार चूक गए तो अगला शुक्र पारगमन 11 दिसंबर 2117 में होगा। कोई भी वर्तमान व्यक्ति अपने जीवन में 2117 का शुक्र पारगमन नहीं देख सकता।
उन्होंने बताया कि किसी भी अवस्था में सूर्य को सीधे नहीं देखना है नहीं तो आँखों को भारी क्षति पहुँच सकती है। केवल सौर डिस्क का प्रक्षिप्त बिम्ब देंखे। दूरबीन/बाइनाक्यूलर और पिनहॉल कैमरा से सूर्य के बिम्ब का प्रेक्षेपण पिन होल, दूरबीन या बाइनाक्यूलर की एक जोड़ी द्वारा एक छायादार दीवार पर सूर्य के प्रतिबिम्ब को प्रेक्षिपित करें। केवल वैज्ञानिक रूप से जांचे गये सौर फिल्टर का इस्तेमाल करक ही सूर्य की ओर देखना चाहिए।
यदि कोई पाठक अपने शहर का समयसारणी चित्र प्राप्त करना चाहता हो तो कृपया टिप्पणी में या मेल से पूछ सकता है उनको चित्र जेनेरेट कर के भेज दिया जाएगा। 
अमर  उजाला अखबार ने इस खबर को छापा 
प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा:- दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा

Wednesday, May 16, 2012

शुक्र पारगमन की प्रशिक्षण कार्यशालाएं TOV Workshops

शुक्र पारगमन की प्रशिक्षण कार्यशालाएं TOV Workshops
सोलर फिल्टर से अवलोकन
शुक्र पारगमन का सुरक्षित एवं भव्य अवलोकन के लिए आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर में एक दिवसीय शुक्र पारगमन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य श्री नरेंद्र धींगडा ने बताया कि  इस कार्यशाला में ४० छात्र छात्रओं को पिनहोल कैमरा,बाक्स कैमरा, पानी में सूर्य का प्रतिबिम्ब बनाना, टेलीस्कोप व बाइनाकुलर से प्रतिबिम्ब प्राप्त करना और सोलर फिल्टर से सूर्य को देखना आदि का प्रशिक्षण दिया गया। जैसा कि पता ही है कि 6 जून 2012 को शुक्र पारगमन होने जा रहा है।
6 जून 2012 को शुक्र ग्रह का पारगमन होने जा रहा है, अर्थात् शुक्र ग्रह सूर्य के सामने से होकर गुजरेगा। यह बहुत दुर्लभ खगोलीय घटना होने के कारण खगोलविज्ञानियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विज्ञान एवं तकनीकी विभाग ने इस  दुर्लभ खगोलीय घटना के सुरक्षित अवलोकन के लिए देश भर में व्यापक प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। इसी के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स द्वारा स्कूलों में शुक्र पारगमन के सुरक्षित अवलोकन का प्रशिक्षण  दिया जाना है।
मास्टर दर्शन लाल ने इस बारे बच्चो को विस्तार से बताया और सूर्य का प्रतिबिम्ब प्राप्त करने के बहुत से तरीके बताए।
क्या करें?
केवल सौर डिस्क का प्रक्षिप्त बिम्ब देंखे।
दूरबीन/बाइनाक्यूलर और पिनहॉल कैमरा से सूर्य के बिम्ब का प्रेक्षेपण पिन होल, दूरबीन या बाइनाक्यूलर की एक जोड़ी द्वारा एक छायादार दीवार पर सूर्य के प्रतिबिम्ब को प्रेक्षिपित करें।
केवल वैज्ञानिक रूप से जांचे गये सौर फिल्टर का इस्तेमाल करक ही सूर्य की ओर देखना चाहिए। ध्यान देने वाली बात है कि सिर्फ तीक्ष्ण दृष्टि वाले व्यक्ति ही सूर्य के डिस्क पर शुक्र को एक छोटे काले धब्बे के रूप में देख सकेंगे। पारगमन के दौरान काला धब्बा सौर डिस्क के उत्तरी भाग में पूर्व से पश्चिम की ओर पार करता दिखाई देगा।
क्या न करें?
बिना सुरक्षित सौर फिल्टर के, खुली आंखों से पारगमन की किसी भी कला को देखने का प्रयास न करें।
दूरबीन या बाइनाक्यूलर से सीधे कभी न देखें।
धुएंदार कांच, रंगीन फिल्म, धूप के चश्मे, अनवरित श्वेत-श्याम फिल्म, फोटोग्राफिक ट्रल डेन्सिटी फिल्टर तथा पोलराइजिंग फिल्टरों का इस्तेमाल न करें। ये सभी सुरक्षित नहीं हैं।
फिल्टर के साथ भी सूर्य की ओर लगातार न देखें, कुछ सकेंड के अंतराल पर देखें।

सौर प्रक्षेपक बनाना
स्कूल प्रांगण में आसपास के विभिन्न स्कूलों के बच्चो को क्लब सदस्यों के साथ शुक्र पारगमन का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में ४० छात्र छात्रओं को पिनहोल कैमरा व सौर प्रक्षेपक से सूर्य को  प्रतिबिम्बित करना और सोलर फिल्टर से सूर्य को देखना आदि का प्रशिक्षण दिया गया। जैसा कि पता ही है कि 6 जून 2012 को शुक्र पारगमन होने जा रहा है। इसके साथ साथ बच्चो को सुरक्षित सूर्य अवलोकन भी करवाया गया। क्लब सदस्यों ने अलाहर गांव में शुक्र पारगमन अवलोकन के लिए लोकेशन का चयन भी किया जहां पर 6 जून 2012 को शुक्र पारगमन अवलोकन कैम्प का आयोजन भी किया जाएगा। 
सौर प्रक्षेपक से सूर्य का प्रतिबिम्ब
बच्चों ने अपना अपना सौर प्रक्षेपक बनाया, इसको बनाने के लिए एक गेंद लेते हैं उस की साथ पर कहीं भी समतल दर्पण का टुकड़ा चिपकाते हैं। अब उस गेंद को रेत से भरे गिलास में इस प्रकार रखते हैं कि समतल दर्पण की चमकदार सतह सूर्य की और रहे और सूर्य की चमक (प्रतिबिम्ब) को दीवार पर या कागज पर फोकसित कर लेते हैं। 
यह अवलोकन का काफी प्रभावी तरीका है और इस में एक काले बिंदु के रूप में शुक्र ग्रह गतिमान दिखाई देगा।
पिनहोल कैमरा से 
इस अवसर पर कपिल, विशु, शिल्पा, दिव्या, शिवम, सोनम, प्रियंका, मनीष, जतिन, आकाश, शिवानी, दिव्या, अरुण, शिवम, पांडुरंगा आदि ने विशेष योगदान दिया।
पिनहोल कैमरा बनाते क्लब सदस्य
            
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :- दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा