सही ही कहा गया है आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है |
बाड़ ग्रसित इलाको मे जान बचाने के लिए नए नए तरीकों का प्रयोग किया गया है |
जीवन रक्षक पेटियां नम्बर -1
खाली प्लास्टिक की बोतलों को रस्सी से बांध कर बनाई गई जीवन रक्षक पेटी
बोतलों के ढक्कन फेवी क्विक से चिपका दिए गये है इस जीवन रक्षक पेटी को सीने से कस कर बाँध कर पानी मे डूबने से बचा जा सकता है|
जीवन रक्षक पेटियां नम्बर -2
इस माड्ल मे छात्र बता रहे है कि एक पैजामा ले कर उसका कमर की तरफ का हिस्सा नाडे से कस कर बाँध दे और फिर उस मे थर्मोकोल के टुकड़े या खाली ढक्कन बंद लीक प्रूफ प्लास्टिक की बोतले डाल कर पैरों वाले सिरे भी बांध दे | इस जीवन रक्षक पेटी को सीने से कस कर बाँध कर पानी मे डूबने से बचा जा सकता है|
लोकी/घीया जिसकी सब्जी बनती है हाँ वही तो जब बीज बनने के लिए बेल पर ही छोड़ दी जाती है तो वो इतनी बड़ी बड़ी और सख्त हो जाती है उन का प्रयोग जीवन रक्षक पेटी के रूप मे इन छात्रों के गावं मे किया जाता है इन पर वाटर प्रूफ पेंट कर के काफी लंबे समय तक सहेज कर भी रखा जा सकता है
इस जीवन रक्षक पेटी को सीने से कस कर बाँध कर पानी मे डूबने से बचा जा सकता है|
एम् सील लगा कर इन्हें लीक प्रूफ बना दिया गया है|
बाड़ आने के समय सदैव पहले जान बचने का प्रयत्न करना चाहिये |
ऊँचाई के स्थान की और जाना चाहिए वहाँ तक जाने के लघुतम मार्ग का खाका / योजना पहले से ही सोच कर रखना चाहिए
ऊपर दिखाये गए जीवन रक्षक पेटियों के मॉडल विद्यार्थीयों द्वारा जांचे परखे गये है लेकिन आप द्वारा बनाये गए को पहले जाँच ले ताकि वो वक्त पड़ने पर धोखा ना दे दे |
प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साईंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा-- दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर, हरियाणा


