यदि कोई ये कहे की कोई चीज़ नीचे से उपर बिना बल लगाए चढ़ जायेगी तो आप कहेंगे क्या जादू है वाह ..
स्कूल खुलते ही बच्चो ने पकड़ लिया मुझे कुछ नया सिखाने के लिए ..
मैंने कहा चलो आओ आज आप को सिखाते है एक अंगूठी अपने आप एक तिरछे पकडे रबर बैंड पर कैसे उपर चढ़ती जाती है.
इसके लिए एक बड़ा रबर बैंड और एक अंगूठी चाहिए ,रबर बैंड को काट कर खोल लेते हैं.चित्र मे देखें.
| इस प्रयोग के लिए सामान |
इस को देख कर बच्चे हैरान रह गए कि यह कैसे हो सकता है कि कोई चीज बिना बल लगाए नीचे से उपर की और जा रही है.
यहाँ बच्चे जल्दबाजी कर गए और दोबारा देखे बिना ही सामान मांगने लगे कि हम कर कर देखेंगे.
| बाल मेले रोहतक का फाईल फोटो |
मैंने कहा चलो मै बताता हूँ,बच्चे बहुत उत्सुकतावश मेरे पास पास आ गए मैंने उन से कुछ प्रश्न पूछने शुरू किये क्यूंकि यही मोका था उनके कुछ भ्रम दूर करने का ,
मैंने कहा क्या भूत ने यह अंगूठी उपर खीचि ?
क्या मेरी आत्मा की ताकत अंगूठी को उपर उठा रही थी?
क्या आत्मा भूत प्रेत होते हैं ?
क्या मेरे दूसरे हाथ मे चुम्बक था ?
आदि आदि
बच्चे धड़ा धड नहीं नहीं उत्तर दे रहे थे जो हाँ कह रहे थे उन से बहस कर रहे थे धीरे धीरे एक तर्कशीलता का माहोल बन गया.
और अपना उद्देश्य सफल हो गया.
अब बारी है जवाब देने की
कोई जादू नहीं कोई भूत नहीं .
विडियो देखें
मैं बाए हाथ की उँगलियों मे दबी हुई रबर को धीरे धीरे ढीला कर रहा हूँ और रबर की इलास्टिसिटी के कारण अंगूठी उपर रबर के साथ साथ चढ़ रही है.
विडियो देखें और कर के देखें आप ने धीरे धीरे रबर को सरकने देना है उँगलियों के बीच से बाकी काम खुद ही हो जाना है .
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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