दर्शन लाल बवेजा (साइंस मास्टर/ESHM) राजकीय मॉडल संस्कृति/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर/कैम्प/दामला यमुनानगर द्वारा सी वी रमण विपनेट (2017, 2019 राष्ट्रीय विजेता) विज्ञान क्लब यमुनानगर का विज्ञाननामा ......
आवश्यक सामग्री...ठोस कॉपर सल्फेट,पानी,बीकर,जिंक धातु की पत्ती
ऐसा क्युं ?...विस्थापन अभिक्रिया Displacement Reaction
प्रयोग विधि...एक बीकर में ठोस कॉपर सल्फेट दो चम्मच और 400 ml पानी ले कर घोल लेते है (ठोस कॉपर सल्फेट आपने विज्ञान अध्यापक से ले) फिर एक जिंक धातु की पत्ती ले कर उस को बीकर में डुबाते है 5 मिनट में बहार निकाल कर देखे जिंक धातु की पत्ती पर कॉपर (ताम्बे Cu)की पतली परत चढ़ जाती है ऐसा क्युं होता है ? यहाँ आधिक सक्रिय धातु जिंक (Zn) कम सक्रिय धातु कॉपर को CuSO4से विस्थापित कर देती है रासायनिक अभिक्रिया Zn+CuSO4----->ZnSO4+Cu
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
प्रतिरोधो का समांतर एवं श्रेणी क्रम में सयोंजन Parallel and Series Arrangement of Resistance
आवश्यक सामग्री... एक हार्ड बोर्ड गत्ते का टुकड़ा,छोटे नट बोल्ट या पेंच,6 छोटे बल्ब होल्डर,4 सेल ,कनेक्शन वायर,4 सेल
उद्देश्य...प्रतिरोधो का समांतर एवं श्रेणी क्रम में सयोंजन समझाना
बनाने की विधि... एक हार्ड बोर्ड गत्ते के टुकड़े को दो भागों में बाँट लो उपर वाले भाग में लम्बवत और नीचे वाले भाग में उर्ध्वाधर 3-3 छोटे बल्ब होल्डर पेंचो की मदद से चित्रानुसार लगा लेते है कनेक्शन वायर से चित्रानुसार कनेक्शन कर लेते है उपर के भाग को समांतर एवं नीचे के भाग को श्रेणी क्रम में सयोंजन कहते है | A व् Bसिरों को 4 सेलो से जोड़ने पर बल्ब चमकने लगते है |
घरों में बिजली की फिटिंग समांतर क्रम में व् दिवाली की लडीयाँ श्रेणी क्रम में संयोजित होती है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
आवश्यक सामग्री...एक टेप रिकॉर्डर की मोटर,दो बेटरी,दो एल.इ.डी.बल्ब,एक बच्चो के खिलोने से उतारा पंखे का ब्लेड,लकड़ी की फट्टी और गुटका,कन्नेक्शन के लिए तार, धागा,कीले
उद्देश्य... विद्युत मोटर एवं जनरेटर(डी.सी.) कि समझ विकसित करना |
बनाने की विधि... लकड़ी की फट्टी के उपर एक लकड़ी का गुटका ठोक कर उस पर एक टेप रिकॉर्डर की मोटर सेलो टेप से या लोहे की पत्ती से फिट कर देते है चित्रानुसार कन्नेक्शन कर लेते है कन्नेक्शन के लिए बिजली मिस्त्री की हेल्प या अपने अध्यापको की हेल्प ले सकते है | वैसे कक्षा 9-10 के विद्यार्थी जोड़ तोड़ विधि से दो चार बार में दक्षता हासिल कर लेतेहै हम जब सेलो से कन्नेक्शन जोड़ते है तो मोटर घूमने लगती है और उस पर लगा पंखा भी घूमने लगता है | दोनो एल.इ.डी.बल्ब भी जलने लगते है
अब हम सेलो से कन्नेक्शन हटा कर मोटर की शाफ्ट पर धागा लपेटते है फिर धागे को अपनी और तेजी से खीचते है तो मोटर घुमती है और दोनो एल.इ.डी.बल्ब क्षण भर के लिए चमकते है अब यह मोटर जनरेटर की तरह काम करती है |
बेशक इस प्रयोग से हम डी.सी.मोटर के सिद्धांत तो नहीं समझ सकते परन्तु कन्नेक्शन करना,वैज्ञानिक दक्षता विकसित करना,भोतिकी की समझ बनाना,खेलना आदि लाभ ले सकते है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
बनाने की विधि... एक माचिस ले कर उस कि दराज में लम्बाई वाली साइड में एक एक कट बना लेते है उन कटो में एक तिल्ली(Match Stick) नाप कर काट कर रख देते है | दराज की छोटी साइड में एक एक सुराख़ बना एक मोटा सूती धागा उस में पिरो देते है धागा तिल्ली के उपर से जाना चाहिए | अब दराज को बंद कर के सेलो टेप से फिक्स कर देते है |धागे के दोनों और गांठे लगा देते है |अब चित्रानुसार धागे को दोनों और से पकड़ कर जब हम धागे को टाइट करते है तो माचिस जहाँ होती है वहीं रुक जाती है जब धागे को नाम मात्र ढीला करते है तो माचिस नीचे गिरने लगती है ऐसा तिल्ली एवं धागे के बीच टाइट करने पर घर्षण बल पैदा होता है जो माचिस को रस्ते में रोक देता है |
यह प्रयोग भोतिकी कि समझ उत्पन करने के उद्देश्य से विकसित की गई है यदि धर्षण बल न कार्य करे तो हम जमीन पर पैदल न चल सके |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा