दर्शन लाल बवेजा (साइंस मास्टर/ESHM) राजकीय मॉडल संस्कृति/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर/कैम्प/दामला यमुनानगर द्वारा सी वी रमण विपनेट (2017, 2019 राष्ट्रीय विजेता) विज्ञान क्लब यमुनानगर का विज्ञाननामा ......
आवश्यक सामग्री...एक गेंद,एक 2cmx2cm आकार का समतल दर्पण का टुकड़ा,एक टेप रोल बेस बनाने के लिए या कोई चूड़ी कड़ा,पोस्टर टेप
सिद्धांत---प्रकाश का परावर्तन
बनानेकीविधि…हमे सूर्य को सीधे नहीं देखना चाहिये सूर्य को देखने के लिए हमे सौर प्रक्षेपक बनाना चाहिए | एक गेंद ले कर उस पर पोस्टर टेप की मदद से एक 2cmx2cm आकार का समतल दर्पण का टुकड़ा चिपका दे | कोई चूड़ी कड़ा या रिंग के उपर इस गेंद को रख कर सूर्य का प्रतिबिंब सामने दीवार पर बनाते हैनोटयदि प्रतिबिम्ब गोल नहीं बन रहा तो गेंद को पीछे हटा के समायोजित करते है जब तक प्रतिबिम्ब गोल न हो जाये |
इस सौर प्रक्षेपक सेसूर्य ग्रहणभी देख सकते है
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
आवश्यक सामग्री...दो ग्लूकोस की बोतलें,2 पाइप के टुकड़े ,पोटाशियम पर मेगनेट या लाल रंग,गर्म पानी
सिद्धांत...पानी के गर्म होने पर हल्का होना
बनानेकीविधि…दो ग्लूकोस की बोतलें लेकर उन के सुराखों को और बड़ा कर के उस में चित्रानुसार 2 पाइप के टुकड़े फंसा देते है बोतल -1 में गर्म पानी एवं पोटाशियम पर मेगनेट या लाल रंग डाल कर पानी को रंगीन कर लेते है बोतल-२ में ठंडा (ताज़ा) पानी (रंग हीन) ले कर बोतलों के ढक्कन बंद कर देते है अब बोतल-2 को उपर उठा कर बोतल-1 के उपर उल्टा (चित्रानुसार) कर देते है हम क्या देखते है कि एक पाइप से रंगीन पानी उपर की बोतल की और चलना शुरू कर देता है यानि गर्म रंगीन पानी उपर और उपर की बोतल का ठंडा पानी नीचे वाली बोतल की तरफ बहना शुरू कर देता है उपर की बोतल के पानी का रंगीन होना इस बात की पुष्टि करता है कि उस में गर्म रंगीन पानी आ रहा है | ऐसा क्युं ?...ऐसा इसलिए होता है कि गर्म पानी के अणुओं की गतिज उर्जा बढ़ जाती है और वह हल्के हो कर उपर उठते है और उन गर्म अणुओ क स्थान लेने ठंडे पानी के अणु आते है ऐसा तब तक चलता रहेगा जब तक दोनों बोतलों का पानी एक समान तापमान पर न हो जाए |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
स्कूल मे लगाये ठोस कचरा प्रबंधन की परियोजना
SOLID WASTE MANAGEMENT PROJECT IN SCHOOL
ठोस कचरा प्रबंधन के गुण विद्यार्थीयों में विकसित करने के लिए स्कूल में एक परियोजना की जा सकती है जिस में विद्यार्थी अपने हाथों से ठोस कचरा प्रबंधन कर के यह सीख सकते है कि हम कैसे ठोस कचरा प्रबंधन कर सकते है |
ठोस कचरा पर्यावरण के लिए एक बड़ी समस्या है इस के निवारण के लिए हम ठोस कचरा प्रबंधन सीखे यह समय की मांग है |
आवश्यक सामग्री...तीन फुल साईज के डस्टबीन,ठोस कचरे के सेम्पल जैसे टूटे फूटे पेंस,पोलिथिन ,प्लास्टिक ,कागज ,लोहा ,थर्मोकोल ,रबड़ की चप्पले ,गत्ता ,कोपी ,फाइल कवर ,धातुए ,बोतले ,डिब्बे आदि
परियोजना के लाभ ...
स्कूल का ठोस कचरा प्रबंधन अपने आप
ठोस कचरा प्रबंधन के गुणों का विकास
कचरे को बेच कर नए डस्टबीन खरीदो
पर्यावरण संरक्षण
विज्ञान प्रदर्शनी का प्रोजेक्ट
नोट- ठोस कचरा प्रबंधन की यही विधि अपने अपने घरों में भी अपना सकते है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
आज हम एक नए प्रकार के परियोजना कार्य पर विचार करेंगे | स्कूल, मोहल्ला क्लब ,कॉलोनी या सामुदायिक स्तर पर हम आपदाप्रबंधन क्लब का गठन कर सकते है जिस में हम समय समय पर आपदा प्रबंधन प्रशिक्षणशाला का आयोजन कर के सब को प्रशिक्षित कर सकते है |
आवश्यक सामग्री...रस्सी ,कस्सी ,खुरपे ,फर्स्ट एड बॉक्स ,सीडी .तसले ,बालटी,कुल्हाड़ी ,आरी ,बेलचे ,स्ट्रेचर ,कुदाल ,फाली, लकडी की फट्टिया, दास्ताने विधि...
लाभ...स्कूल में बनाये गए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षणशाला में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे कर आपनी परियोजना करे | आपदा प्रबंधन प्रशिक्षणशाला में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे कर उन्हें आपदा के लिए तैयार कर सकते है ताकि वो अपनी व् ओरो कि जान बचा सके |
इस सारे सेटअप को विज्ञान प्रदर्शनी ,विज्ञान कोंग्रेस ,मेलों में स्टाल लगा कर और जनता को भी प्रशिक्षित कर सकते है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
आवश्यक सामग्री...दो बोतले,4 इंच लम्बा पाईप का टुकड़ा,ऍम सील(M-Seal),थर्मोकोल के दो पीस,रंगदार पानी
सिद्धांत... वायु दबाव Air Pressure
बनानेकीविधि…दो बोतले ले कर उन की तली से दो इंच उपर सुराख़ बना कर 4 इंच लम्बा पाईप का टुकड़ा इस प्रकार फसाते है कि वो दोनों बोतलों में जाये | सुराखों के उपर व् नीचे थर्मोकोल के दो पीस लगा कर सुपोर्ट देते है ताकि बोतलों के हिलने पर लीकेज न शुरू हो जाए |
पाईप के टुकड़े चारों और M-Seal लगा कर सूखा कर लीकेज प्रूफ बना लो
कार्य विधि…
दाई और के बोतल का ढक्कन खोल कर उस में रंगीन पानी भर देते है
प्रश्न ये है कि जब दाई बोतल में पानी डाल रहे है तो वो बाई बोतल में क्यूं नहीं जा रहा ??
फिर दाई बोतल के ढक्कन को बंद कर देते है और बाई बोतल के ढक्कन को खोलते है अब
प्रश्न ये है ? कि जब बाई बोतल का ढक्कन खोला तो भी उस में पानी क्यूं नहीं आया ??
फिर बाईं बोतल के ढक्कन को बंद कर देते है और दाईं बोतल का ढक्कन खोलते है अब
प्रश्न ये है ?कि जब दाईं बोतल का ढक्कन खोला तो भी बाई बोतल में पानी क्यूं नहीं आया ??
तो फिर बाई बोतल में पानी आएगा कैसे ??
हम अब दाईं बोतल का ढक्कन बंद नहीं करेंगे और बाईं बोतल के ढक्कन को खोलेंगे अरे ये क्या बाई बोतल में पानी आना शुरू हो गया
ऐसा क्युं ?... दोनों बोतलों के ढक्कन खुले होने कि स्थिति में दाई बोतल के पानी को वायु दबाव नीचे धकेलेगा और साथ ही बाई बोतल के ढक्कन खुले होने कि स्थिति में उस बोतल की वायु बहार निकलेगी और पानीआना शुरू यह पानी तब तक चलता रहेगा जब तक दोनों बोतलों में पानी का लेवल बराबर न हो जाये |
यह गतिविधि भोतिकी की समझ उत्पन करने के उद्देश्य से विकसित की गई है
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा