Tuesday, May 18, 2010

कौन सी मोमबत्ती पहले बुझेगी Which candle extinguish earlier

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कौन सी मोमबत्ती पहले बुझेगी Which candle extinguish earlier
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आवश्यक सामग्री...तीन मोमबत्तियाँ(छोटी ,मध्यम ,बड़ी ) , एक काँच का जार या बेलजार, माचिस।
 कारण...कार्बन डाई आक्साइड गैस हवा से भारी होती है और जलने के लिए आक्सीजन चाहिए।
कार्य विधितीनो आकार की मोमबत्तियाँ एक पंक्ति में क्रमवार लगा लेते है उन्हें जला लेते है फिर काँच का जार चित्रानुसार उल्टा कर के उन मोमबत्तियों के उपर रख देते है। 
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अब क्या आप बता पायेंगे कि कोन सी मोमबत्ती पहले बुझेगी??
सब कहेंगे छोटी वाली परन्तु कुछ कहेंगे कि तीनों एक साथ बुझेंगी
परन्तु ये क्या ??
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ये क्या न तो तीनों एक साथ बुझी और न ही छोटी पहेले बुझी।
सब से पहले बड़ी फिर मध्यम और फिर छोटी मोमबत्ती बुझी।
ऐसा क्युं ??  ऐसा इसलिए कि कार्बन डाई आक्साइड गैस हवा से भारी होती है तीनों मोमबत्तियों के एक साथ जलने पर आक्सीजन की खपत शुरू होती है उपर की आक्सीजन हल्की होने के कारण नीचे भागती है और ऊपर बड़ी मोमबत्ती के चारों और कार्बन डाई आक्साइड गैस का घेरा बनना शुरू होता है जो उस की आक्सीजन की पूर्ति को रोकता है। लेकिन नीचे वाली सब से छोटी मोमबत्ती को अंत तक आक्सीजन मिलती रहती है।

एक सर्वमान्य व्याख्या: जलती लौ  से पैदा हुइ वायु गरम होने के कारण उसका घनत्व  ( Density ) कम होने के कारण जार के उपर जमा होती रहेगी और जमा होते होते उसका लेवल उपर से नीचे की और आता जायेगा. जैसे उसका लेवल बडी मोमबत्ती तक आयेगा तो बडी मोमबत्ती को बुझा देगा क्योंकि गरम हवा मे ओक्सीजन की कमी रहेगी. तब तक छोटी मोम्बत्तीयो को नीचे की ठन्डी हवासे ओक्सीजन मिलती  रहती है. धीरे धीरे गरम हुइ हवा उपर से नीचे की और आती जायेगी और  मोमबत्तीया बुझती जायेगी।

यहा वायु का तापमान और उसकी घनता का रीलेशन बायल्स के  नियम के अनुसार काम करता है।

समान तापमान मे कार्बन डाईक्साइड हवा से भारी रहती है परतु गरम CO2 हवा से हलकी होने के कारण उपर जमा  हो के नीचे की और भागती  है।
इस के कई कारण  बताये जाते है मेरे द्वारा लगाई गयी कक्षाओं में यह  प्रयोग गर्मागर्म बहस का मुद्दा रहता है कोई नया कारण समझ में आता हो तो कृपया टिप्पणी में डाल दे।
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा

Friday, May 14, 2010

प्रकृति को भी जानो KNOW THE NATURE

प्रकृति को भी जानो KNOW THE NATURE
आज  हम एक और नई प्रकार की परियोजना के बारे में जानेगे |हमे अपने आस पास प्रकृति के निकट जा कर उस को समझने का प्रयास करना चाहिए | अध्यापकों  और अभिभावकों को चाहिए कि वो अपने बच्चों को नजदीक के जंगल ,खेतों ,नम भूमि ,हर्बल पार्को ,बागों में ले जा कर प्रकृति को समझने का मोका दे |नए उगते फूलों ,फलों ,कीट-पतंगों को देखने के लिए प्रोत्साहित करे |

लाभ  :- 
*प्रकृति से निकटता
*नया ज्ञान 
*प्रश्नो के उत्तर खोजना 
*खोजी प्रवृत्ती का जन्म 
* प्रश्न पूछने की आदत का विकास 
*'बच्चे प्रश्न पूछ सके' उन को ऐसा प्लेटफार्म प्रदान करना 
*आनन्द की अनुभूति 
*किताबी ज्ञान से दूर नयापन 
*ज्ञान का आदान प्रदान 
आदि लाभ हो सकते अत: विद्यार्थिओं को समय समय पर इस प्रकार प्रकृति की गोद में ले कर जाना चाहिए |


































द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Thursday, May 13, 2010

श्वशन तन्त्र का मॉडल Model of Respiratory system


श्वशन तन्त्र का मॉडल Model of Respiratory system
 आवश्यक सामग्री...एक आधी कटी बोतल,दो पाइप के टुकड़े,दो छोटे गुब्बारे,एक बड़ा गुब्बारा, सेलो टेप,ऍम –सील
बनाने की विधिबोतल को आधा काट लो उस के ढक्कन में छेद कर के दो पाइप के टुकड़े डाल कर उन दोनों पाइप के टुकडों पर एक एक छोटा गुब्बारा सेलो टेप से लगा देते है अब ढक्कन के उपर व नीचे दोनों पाइप के टुकडों को सेलो टेप या ब्लैक टेप से एक साथ चिपका देते है |बोतल के नीचे एक बड़ा गुब्बारा आधा काट कर  डायाफ्राम की तरह सेलो टेप से लगा देते है | ढक्कन के छेद पर ऍम –सील लगा कर वायुरुद्ध कर देते है| 


अब नीचे वाले बड़े गुब्बारे को नीचे की और खीचने पर दोनों छोटे गुब्बारे फेफड़ों की तरह फूलते है  डायाफ्राम यानी नीचे वाले गुब्बारे को छोड़ने पर दोनों फेफड़े सिकुड जाते है | इस प्रकार कम लागत से श्वशन तन्त्र का वर्किंग  मॉडल बन जाता है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Tuesday, May 11, 2010

सौर प्रक्षेपक बनाओ SOLAR PROJECTOR


सौर प्रक्षेपक बनाओ SOLAR PROJECTOR
आवश्यक सामग्री...एक गेंद,एक 2cmx2cm आकार का समतल दर्पण का टुकड़ा,एक टेप रोल बेस बनाने के लिए  या कोई चूड़ी कड़ा,पोस्टर टेप    
 सिद्धांत--- प्रकाश का परावर्तन

बनाने की विधिहमे सूर्य को सीधे नहीं देखना चाहिये सूर्य को देखने के लिए हमे  सौर प्रक्षेपक बनाना चाहिए | एक गेंद ले कर उस पर पोस्टर टेप की मदद से एक 2cmx2cm आकार का समतल दर्पण का टुकड़ा चिपका दे | कोई चूड़ी कड़ा या रिंग के उपर इस गेंद को रख कर सूर्य का प्रतिबिंब सामने दीवार पर बनाते है नोट यदि प्रतिबिम्ब गोल नहीं बन रहा तो गेंद को पीछे हटा के समायोजित करते है जब तक प्रतिबिम्ब गोल न हो जाये |
इस सौर प्रक्षेपक से सूर्य ग्रहण भी देख सकते है
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Monday, May 10, 2010

गर्म पानी HOT WATER


गर्म पानी HOT WATER
आवश्यक सामग्री...दो ग्लूकोस की बोतलें,2 पाइप के टुकड़े ,पोटाशियम पर मेगनेट या लाल रंग,गर्म पानी
 सिद्धांत...  पानी के गर्म होने पर हल्का होना 


बनाने की विधि दो ग्लूकोस की बोतलें लेकर उन के सुराखों को और बड़ा कर के उस में चित्रानुसार 2 पाइप के टुकड़े फंसा देते है बोतल -1 में गर्म पानी एवं पोटाशियम पर मेगनेट या लाल रंग डाल कर पानी को रंगीन कर लेते है बोतल-२ में ठंडा (ताज़ा) पानी (रंग हीन) ले कर बोतलों के ढक्कन बंद कर देते है अब बोतल-2 को उपर उठा कर बोतल-1 के उपर उल्टा (चित्रानुसार) कर देते है हम क्या देखते है कि एक पाइप से रंगीन पानी उपर  की बोतल की और चलना शुरू कर देता है यानि गर्म रंगीन पानी उपर और उपर की बोतल का ठंडा पानी नीचे वाली बोतल की तरफ बहना शुरू कर देता है उपर की बोतल के पानी का रंगीन होना इस बात की पुष्टि करता है कि उस में गर्म रंगीन पानी आ रहा है | ऐसा क्युं ?...ऐसा इसलिए होता है कि गर्म पानी के अणुओं की गतिज उर्जा बढ़ जाती है और वह हल्के हो कर उपर उठते है और उन गर्म अणुओ क स्थान लेने ठंडे पानी के अणु आते है ऐसा तब तक चलता रहेगा जब तक दोनों बोतलों का पानी एक समान तापमान पर न हो जाए |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा