Tuesday, June 08, 2010

गुब्बारा खाने वाला जार Jar Swallows a Balloon

गुब्बारा खाने वाला जार Jar Swallows a Balloon
आवश्यक  सामग्री :-एक गुब्बारा ,एक जार ,पानी ,अखबार के टुकड़े ,माचिस 
सिद्धांत :-वायु दबाव में अंतर 
विधि  :- एक गुब्बारे में पानी भर कर गाँठ लगा लेते है 
इस  गुब्बारे को अब जार  में डालने की कोशिश  करते है 
नहीं डलेगा  क्युंकी पानी से भरा गुब्बारा जार के मुँह से बड़ा है   
अब क्या करे गुब्बारा तो जार में डालना ही है
जार  में अखबार के टुकड़े जला कर डाल देते है 
गुब्बारा  जार  के ऊपर रख दो 
अरे ये क्या जार खा रहा है बलून 


 ऐसा क्यूँ??   जब जार  में आग जलती है तो कुछ वायु गर्म हो कर जार से बाहर हो जाती है 
और  आग बुझने पर धीरे धीरे वायु ठण्डी होती है तो जार के अंदर का वायु दबाव कम होना शुरू होता है अब जार के बाहर का वायु दबाव (वायुमण्डलीय दबाव)  अंदर की तुलना में अधिक होता है जो गुब्बारे को अंदर की और धकेलता है |
 नोट :-आग से सावधान रहे |
प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Sunday, June 06, 2010

मति भ्रम की स्थिति Mental Illusion

मति भ्रम की स्थिति    Mental Illusion 
क्या  चाहिए :-दो वोलियेंटर्स(बच्चे या बड़े ), एक प्लास्टिक ब्रुश  
सिद्धांत :-  मति भ्रम     Mental Illusion
विधि :-दो लोगो के साथ की जाने वाली इस गतिविधि में मति भ्रम की स्थिति के बारे में जान सकते है | एक वोलियंटर को ये बता दिया जाए की दूसरा वोलियंटर आपकी कमर पर इस प्लास्टिक का ब्रुश को कुछ बार घसे(रगड़े)गा और आपने गिन कर ये बताना है इस ने आपकी कमर पर इस ब्रुश को कितनी बार रगड़ाऔर आपने पीछे नहीं देखना |
अब दूसरा बच्चा पहले वाले की कमर पर ब्रुश नहीं रगड़ेगा बल्कि अपनी हथेली(उंगलियाँ) रगड़ेगा तीन 
बार ,  ब्रुश को तो  वो आपने शरीर पर रगड़ेगा (ब्रुश रगड़ने की आवाज आनी चाहिए )
अब पहले वाले से पूछो की आपकी कमर पर ब्रुश कितनी बार रगड़ा गया तो वो तीन बार बताएगा  जबकि उस की कमर पर तो हाथ से  रगड़ा गया है ब्रुश तो एक बार भी नहीं रगड़ा गया |





नोट :-ब्रुश रगड़ने से मतलब है की दोनों हाथ एक साथ काम करे ,अपने शरीर पर ब्रुश और दूसरे की कमर पर हथेली बस ऊपर से 8-9 इंच नीचे तक
ऐसा क्यों :-ऐसा मति भ्रम के कारण,
हमे पहले ही बता दिया गया कि ब्रुश को आपकी कमर पर रगड़ा जायेगा,हमारे दिमाग  को ये आदेश हो गया कि आप  को तो बस गिनती ही करनी है की ब्रुश कितनी बार रगड़ा गया
 जबकि ब्रुश  की रगड़ का क्या अनुभव होगा उस तरफ मति-भ्रम हो जाता है दिमाग एक ही तरफ काम करता है कि बस गिनती करनी है और वो बस गिन कर ही बताता है कि तीन बार ब्रुश रगड़ा गया जबकि ब्रुश तो रगड़ा ही नहीं गया   |
पहले ये गतिविधि पेन और ऊँगली से की जाती थी जिसके स्पर्शो में कोई खास अंतर नहीं था परन्तु ब्रुश-हथेली से और नयापन व मजा आता है |
आपके लिए प्रश्न :- इस मतिभ्रम की स्तिथि का हमारे रोज मर्रा के जीवन में  क्या प्रयोग है चाहे लाभ या हानि कुछ भी  ?


द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा


Saturday, June 05, 2010

प्रयोग द्वारा बरनौली का सिद्धांत Bernoulli's Principle

प्रयोग द्वारा बरनौली का सिद्धांत Bernoulli's Principle
आवश्यकताएँ:- एक काँच की कीप (फनल),एक टेबल टेनिस की गेंद (पिंग-पोंग बाल)   
सिद्धांत  :- बरनौली का सिद्धांत Bernoulli's Principle
प्रयोग  विधि :-जब एक कीप में एक टेबल टेनिस की गेंद (पिंग-पोंग बाल) की गेंद रख कर ऊपर की तरफ जोर से मुहँ से फूँक मारते हैं तो दर्शक ये सोचते है कि गेंद ऊपर जायेगी परन्तु ये क्या गेंद ऊपर नहीं जाती बल्क कीप में ही गोल गोल घुमती रहती है सब आश्चर्य करेंगे |
अब  कीप को अपने शारीर के लम्बवत ले कर फूंक मारते है ये क्या गेंद नीचे नहीं गिरती  बल्क कीप में ही गोल गोल घुमती रहती है  अब भी सब आश्चर्य करेंगे | 
अब सब ये कहेंगे कि कीप को नीचे की तरफ कर के फूँक मारो 
लो जी ऐसा भी करते है |
ये  क्या गेंद अब भी नीचे नहीं गिरी देखो 


बल्क कीप में ही गोल गोल घुमती रहती है अब सब ने कहा ऐसा क्यों ?
ऐसा क्यों ?? ऐसा बरनौली का सिद्धांत Bernoulli's Principle के अनुसार कीप नली से तेज बहाव  के साथ हवा गेंद के चारों और से निकलेगी और तो वायु दबाव कम होगा परन्तु गेंद के ऊपर लम्बवत लगने वाला वायु दबाव उसे उठने नहीं देगा और न ही नीचे गिरने देगा 
डॉ  .अरविन्द मिश्रा  जी के अनुसार ,
मेरे खयाल से सही व्याख्या यह है -

कुप्पी की नली में हवा का वेग अधिक है तथा 'शंक्वाकार भाग' (कोन) में आते ही हवा का वेग कम हो जाता है। इसलिये नली के अन्दर दाब कम और शंक्वाकार भाग में दाब अधिक होगा । गेंद पर अधिक दाब से कम दाब की तरफ बल लगता है - अर्थात गेंद नली में घुसने का प्रयत्न करती है। 


The principle states that "the pressure of a fluid [liquid or gas] decreases as the speed of the fluid increases." Within the same fluid (air in the example of aircraft moving through air), high-speed flow is associated with low pressure, and low-speed flow is associated with high pressure.
पतंग  ,एरोप्लेन ,पंखा चलने  पर पलंग की चादर का उड़ना ,मंदिर का झंडा हिलना ,तेज रेल के निकलने पर कागज आदि का ट्रेन की तरफ उड़ना आदि बरनौली का सिद्धांत Bernoulli's Principle के
उदाहरणहै 
 द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Thursday, June 03, 2010

कंचा गिराओ गिलास में DROP A MARBLE IN TO THE CUP

कंचा गिराओ गिलास में MARBLE (TOY) AND CUP
आवश्यक सामग्री :-एक प्लास्टिक की गेंद ,एक कंचा (बंटा),एक कप 
सिद्धांत  :- Centripetal force ,Well of Death (मौत का कुआँ)



विधि :- प्लास्टिक की गेंद को एक चोथाई (१\४ ) काट  लेते है मेज पर कागज रख कर उस पर एक कंचा व एक कप रख कर, करना ये है कि गेंद से उठा कर कंचे को कप में डालना है 
शर्ते ये है कि :
१ . गेंद का कट वाला हिस्सा सदा जमीन की  तरफ ही रहना चाहिए 
२. कोई चालाकी नहीं 

 
 
 अब करना ये है कि गेंद के कटे हुवे हिस्से को कंचे के ऊपर रख हाथ से गेंद को गोल गोल हिलाते है  इस से कंचा गेंद की दीवार  के  साथ परिक्रमा करने लगता है जैसे मौत के कुँए के खेल में मोटरसायकिल घुमती है अब अपने हाथ को धीरे धीरे कप के ऊपर ले आते है और घुमाना रोक देते है अब कंचा कप में गिर जायेगा 
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
 

 

Tuesday, June 01, 2010

पानी में तैरे सुई Floating of Niddle


                 पानी में तैरे सुई Floating of Niddle   आवश्यक सामग्री:- एक सुई, पानी से भरा कटोरा, ब्लोटिंग पेपर सोख्ता कागज
कैसे करे पानी से भरे कटोरे में एक ब्लोटिंग पेपर के ऊपर सुई को रख कर पानी पर छोड़ देते है थोड़ी देर में ब्लोटिंग पेपर गीला हो कर डूब जाता है और सुई पानी की सतह पर ही तैरती रहती है

 ऐसा क्योंपानी की उपरी सतह के  अणुओं के ससंजन बल के   कारण उत्पन  पृष्ठ तनाव सुई  के गुरुत्व बल को संतुलित करने के लिये पर्याप्त होता है।पृष्ठ तनाव के कारण  एक पतली सी फिल्म जैसी संरचना बन जाने से सुई उस पर टिकी रहती है और नहीं डूबती |
नोट:- इसे सुई का तैरना न कह कर सुई दवारा पानी की सतह के  पृष्ठ तनाव को न भेद पाना कहा जाये तो उचित होगा |
हमने  सुई से चार गुने भारी सेफ्टी पिन को भी तैरा  कर देखा 
 
मच्छर व अन्य जीव पानी की सतह पर इसी कारण बैठे रहते है 

द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा