Friday, July 23, 2010

त्रि - विमिय आकृतियों का बनना 3D Geometric shapes

त्रि - विमिय आकृतियों का बनना 
आवश्यक समान :- 4 डी. सी.मोटरे ,गत्ते के वर्ग ,आयत,वृत ,विधुत सेल ,गत्ते या प्लाई की शीट ,वायरिंग का सामान आदि  
कारण :- जब ये 2D आकृतियाँ घूमेंगी तो 3D आकृतियाँ  दिखेंगी इस वज़ह से भी 
कैसे  बनाये :-  बोर्ड मे सुराख़ कर के चारों मोटर फिट कर लो ,उस की गरारी के ऊपर गत्ते के वर्ग ,आयत,वृत खड़े चिपका लो जब विधुत की सप्लाई दी जायेगी तो गोल घुमती 2D आकृतियाँ घूमेंगी तो 3D आकृतियाँ  दिखेंगी  |

नोट :- बच्चे किसी बड़े ,अध्यापक,बिजली मिस्त्री या पापा जी की मदद ले ले खास कर वायरिंग /सोल्डरिंग मे   

प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
 

Sunday, July 18, 2010

प्रक्षेप्य (प्रजेक्टाइल) का अधिकतम पथ किस कोण पर होगा Projectile Angle

प्रक्षेप्य (प्रजेक्टाइल) का अधिकतम पथ किस कोण पर होगा Projectile Angle
आवश्यक  सामग्री:-15,30,35,45,90 डीग्री के कोणों पर कटे हुवे लकड़ी के त्रिभुजाकार टुकड़े,एक खिलौना बन्दूक (a toy gun )
सिद्धांत:-प्रक्षेप्य (प्रजेक्टाइल) कोण
माडल बनाने की विधि :-15,30,35,45,90 डीग्री के कोणों पर कटे हुवे लकड़ी के त्रिभुजाकार टुकड़े किसी कारपेंटर से या खुद काट ले 
चित्र मे दिखाई गई खिलौना बन्दूक ले 
बारी  बारी सभी एंगल्स वाले टुकडों पर खिलौना बन्दूक चला कर गोली कितनी दूर जाती है उस दुरी को माप ले 
एक सारणी बना कर उस मे कोण व तय दुरी लिखे 
45 डिग्री के कोण पर प्रक्षेप्य (प्रजेक्टाइल) का अधिकतम पथ  होगा  
नोट :- गोली के वेग को हर बार समान माना जाए   

प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा
 

Wednesday, July 14, 2010

जिस मर्जी पेड़ का जूस/सत पीएं Leaf Juice

जिस मर्जी पेड़ का जूस/सत पीएं Leaf Juice
अगर  आप नीम,आम,पुदीना,गिलोए ,सफेदा,बकेन,इमली ,जामुन ,अर्जुन,  के पत्तों का जूस/सत पीना चाहते है तो बस एक गड्डा बनाएं उस मे जिस पेड़ या पोधों का सत एकदम शुद्ध पीना चाहते है उस के पत्ते धो कर गड्ढे मे डाल दे पत्तों के बिच्चो बीच प्लास्टिक का कटोरा रख दे  और एक पोलीथीन की शीट से गड्डे को ढक कर बिच्चो बीच एक छोटा सा पत्थर का पीस रख दे 
धूप पड़ने पर पत्तों से रंध्रों के द्वारा एवं सीधे ही वाष्पोत्सर्जन द्वारा वाष्पे उठेंगी जिस मे पानी एवं पोधे के वाष्पशील सत रूपी गुण भी होंगे 
ये वाष्पे पोलीथीन  की  शीट से टकराएंगी और संघनित हो कर ढलान से फिसल कर प्लास्टिक के कटोरे मे एकत्र होती रहेंगी 
कटोरा पोधे की पत्तियों के सत से भर जाएगा 
यह सत निकालने का एक पुराना मैथड है 


इस विधि से हम  केवल पत्तों के वाष्पशील अवयवों का सत पी सकते है इसमें हमें पीसना विधि की तरह अनावश्यक रूप से कलोरोफिल नहीं पीना पडेगा   
  एक गड्डा बनाएं
पत्ते धो कर गड्ढे मे डाल दे
 पत्तों के बिच्चो बीच प्लास्टिक का कटोरा रख दे
 पोलीथीन की शीट से गड्डे को ढक कर बिच्चो बीच एक छोटा सा पत्थर का पीस रख दे 

इस विधि से हम  केवल पत्तों के वाष्पशील अवयवों का सत पी सकते है इसमें हमें पीसना विधि की तरह अनावश्यक रूप से कलोरोफिल नहीं पीना पडेगा    
 प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Thursday, July 08, 2010

जल शोधन के कुछ तरीकों की वैज्ञानिक व्याख्या Water Purification

जल शोधन के कुछ तरीकों की वैज्ञानिक व्याख्या Water Purification 
जल  जीवन का एक अति आवशयक पार्ट है इसका शुद्ध होना उससे भी आधिक जरूरी है आज जल शोधन के कुछ गैर परम्परागत तरीकों की वैज्ञानिक व्यख्या करेंगे
आवश्यक सामग्री :-चांदी का पात्र ,ताम्बे का पात्र ,पीतल  का पात्र,चांदी के सिक्के ,काँच की बोतले,पीतल का पात्र
विधि  :- 
1.काँच की बोतल मे पीने  का सप्लाई का पानी रख कर4-5घंटे धूप मे रखने पर पानी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है 
कारण  :- सूर्य के प्रकाश का पराबैंगनी भाग सूक्ष्म जीव नष्ट कर  देता है |
2.चांदी के पात्र मे मे पीने  का सप्लाई का पानी  6-7 घंटे तक रखने से पानी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है |
नोट :- चांदी का पात्र ना हो तो काँच के पात्र मे पानी मे चांदी के 5-6 सिक्के रख ले
 
कारण  :-चांदी मे एक कोशकीय जीवो की कोशिका मे प्रोटीन के दिवितियक स्ट्रक्चर को नष्ट करने का गुण है सूक्ष्म जीव की कोशिका झिल्ली नष्ट हो जाती है जिस कारण से कोशिका की क्रियाशीलता मे रुकावट आ जाती है एक कोशकीय जीवो की विखंडन की प्रक्रिया मे बाधा आती है और उन की संख्या बढ़नी नगण्य हो जाती है | सूक्ष्म जीव  कम होने से आक्सीजन की खपत कम हो जाती है जिस कारण पानी मे कार्बन डाई  आक्साइड की मात्रा भी नहीं बढ़ने पाती है और जल शुद्ध रहता है |
3.ताम्बे   के पात्र मे  पीने  का सप्लाई का पानी  6-7 घंटे तक रखने से पानी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है  तम्बा यानि कापर शरीर के लिए एक अच्छा तत्व है अनीमिया रोधक गुण है पानी मे कापर ताम्बे के आयन आ जाते है |


कारण :- ताम्बे के आयन भी सूक्ष्म जीवों की कोशिका  झिल्ली को नष्ट कर देते है 
यहाँ पढ़े क्यों कापर जरूरी है ? 





4.पीतल का पात्र भी ताम्बे की तरह के गुण प्रकट करता है  पीतल जो कि ताम्बे और जिंक की मिश्रधातु है 




अब  यहाँ एक बहस जन्म लेने वाली है की ताम्बे का प्रयोग पीने   के पात्र के रूप मे पुराने समय से किया जाता है यानि ये पुराना विज्ञान है ये सही है अनुभवों का संग्रह ही विज्ञान है |
एल्यूमीनियम,लोहे की मिश्र धातुओं का प्रयोग बर्तन बनाने मे काफी बाद से शुरू हुआ  
पोस्ट सम्बन्धित सुझावों का स्वागत है 
यदि कोई नई जानकारी देता है तो नाम के साथ पोस्ट मे शामिल की जायेगी 
चित्र गूगल से लिए गए है |

Sunday, July 04, 2010

सौर जल उष्मक का माडल बनाओ SOLAR WATER HEATER

सौर जल उष्मक का माडल बनाओ SOLAR WATER HEATER 
आवश्यक सामान :- एक पुरानी डिश एंटीना की डिश ,कॉपर की पाइप ,काँच का घनाकार बॉक्स ,लोहे का स्टैंड ,सिल्वर फोइल 
सिद्धांत  :- सौर उर्जा का हीटिंग प्रभाव
बनाने  की विधि :-एक पुरानी डिश एंटीना की डिश लेकर उस पर सिल्वर फोइल लगा लेते है काँच का घनाकार बॉक्स बनवा कर उसे चित्रानुसार  लोहे के स्टैंड मे लगा देते है डिश को भी लोहे के स्टैंड मे फिट कर देते है फिर कॉपर की पाइप ले कर उसकी कोइल(कुंडली ) बना कर एक तरफ से पानी की आगत एवं ऊपर की और से पानी की निगत बना लेते है 
इसमे धीमी रफ़्तार से पानी चलता रहता है और गर्म होता रहता है इस गर्म पानी को किसी भी इन्सुलेटर बर्तन मे संचित कर लेते है |
नोट :- यह काफी खर्चीला प्रोजक्ट है 

प्रस्तुति:- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
संग्रह द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा