जल शोधन के कुछ तरीकों की वैज्ञानिक व्याख्या Water Purification
जल जीवन का एक अति आवशयक पार्ट है इसका शुद्ध होना उससे भी आधिक जरूरी है आज जल शोधन के कुछ गैर परम्परागत तरीकों की वैज्ञानिक व्यख्या करेंगे |
आवश्यक सामग्री :-चांदी का पात्र ,ताम्बे का पात्र ,पीतल का पात्र,चांदी के सिक्के ,काँच की बोतले,पीतल का पात्र
विधि :-
1.काँच की बोतल मे पीने का सप्लाई का पानी रख कर4-5घंटे धूप मे रखने पर पानी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है
कारण :- सूर्य के प्रकाश का पराबैंगनी भाग सूक्ष्म जीव नष्ट कर देता है |
2.चांदी के पात्र मे मे पीने का सप्लाई का पानी 6-7 घंटे तक रखने से पानी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है |
नोट :- चांदी का पात्र ना हो तो काँच के पात्र मे पानी मे चांदी के 5-6 सिक्के रख ले
कारण :-चांदी मे एक कोशकीय जीवो की कोशिका मे प्रोटीन के दिवितियक स्ट्रक्चर को नष्ट करने का गुण है सूक्ष्म जीव की कोशिका झिल्ली नष्ट हो जाती है जिस कारण से कोशिका की क्रियाशीलता मे रुकावट आ जाती है एक कोशकीय जीवो की विखंडन की प्रक्रिया मे बाधा आती है और उन की संख्या बढ़नी नगण्य हो जाती है | सूक्ष्म जीव कम होने से आक्सीजन की खपत कम हो जाती है जिस कारण पानी मे कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा भी नहीं बढ़ने पाती है और जल शुद्ध रहता है |
3.ताम्बे के पात्र मे पीने का सप्लाई का पानी 6-7 घंटे तक रखने से पानी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है तम्बा यानि कापर शरीर के लिए एक अच्छा तत्व है अनीमिया रोधक गुण है पानी मे कापर ताम्बे के आयन आ जाते है |
कारण :- ताम्बे के आयन भी सूक्ष्म जीवों की कोशिका झिल्ली को नष्ट कर देते है
यहाँ पढ़े क्यों कापर जरूरी है ?
4.पीतल का पात्र भी ताम्बे की तरह के गुण प्रकट करता है पीतल जो कि ताम्बे और जिंक की मिश्रधातु है
अब यहाँ एक बहस जन्म लेने वाली है की ताम्बे का प्रयोग पीने के पात्र के रूप मे पुराने समय से किया जाता है यानि ये पुराना विज्ञान है ये सही है अनुभवों का संग्रह ही विज्ञान है |
एल्यूमीनियम,लोहे की मिश्र धातुओं का प्रयोग बर्तन बनाने मे काफी बाद से शुरू हुआ
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चित्र गूगल से लिए गए है |