Sunday, July 17, 2011

बिना बिजली के पानी उठाने का पम्प Water Lifting Pump

बिना बिजली के पानी उठाने का पम्प Water Lifting Pump
        राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर
            खंड रादौर, जिला यमुनानगर, हरियाणा
INSPIRE :- INNOVATION IN SCIENCE PURSUIT FOR INSPIRED RESEARCH
                               (वर्ष 2010-2011) 
प्रतिदर्श का नाम : पानी उठाने का पम्प(Water Lifting Pump) 
अवार्डी छात्र/छात्रा का नाम :    1.वंशिका (कक्षा-9)   2.कपिल (कक्षा-8)
मार्गदर्शक अध्यापक : दर्शन लाल बवेजा (विज्ञान अध्यापक)

सारांश :-

किसी ट्रक या टैक्टर का बेकार हो चुका आयल पम्प किसी ट्रक या टैक्टर मैकेनिक  से खरीद कर उस को चालु हालत वाली  सायकिल पर कुछ परिवर्तन करके लगाया और इस प्रकार हमने एक बिना बिजली से चलने वाला वाटर लिफ्टिंग पम्प बनाया जो कि मांसपेशिय बल से चलता है. इस तरह कि मशीन बनाने के पीछे हमारा यह उद्देश्य था कि भागमभाग से भरी जिंदगी मे हमे व्ययाम करने का समय थोड़ा ही मिल पाता है यदि हम कोई ऐसी मशीन बनाएँ की जिस से हमारा कोई काम भी हो जाए और साथ साथ व्ययाम भी हो जाए तो कितना अच्छा होगा.
हमने आयल पम्प पर अतरिक्त गरारी वेल्ड करवा कर और पम्प की शाफ्ट की झिरियों को पीतल से भरवा कर खराद से मशिनिग करवा कर और दो अतिरिक्त निप्पल वेल्ड करवा कर एक संशोधित पम्प बनाया जो कि सायकिल के चलाने से उस की स्थितिज उर्जा से चलता है और पानी को 20-25 फिट उपर उठा सकता है और इतने ही नीचे से पानी उपर ला सकता है
प्रस्तावना :-
इंस्पायर अवार्ड योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रोत्साहन राशि ने हमारे लिए जैसे एक निमंत्रण दिया कि हम भी कुछ नया करें और इस प्रोत्साहन के अंतर्गत हमने एक ऐसी मशीन बनाने के बारे मे सोच जिस से हम व्ययाम भी कर सकें और हमारा कोई महत्वपूर्ण काम भी हो जाए.
मैंने(वंशिका)और मेरे साथी(कपिल राणा)  ने अपने मार्गदर्शक विज्ञान अध्यापक की मदद से एक पानी उठाने के किसी पम्प को सायकिल या किसी ढाँचे पर फिट करने की योजना बनायी और हमने सायकिल पर एक आयल पम्प को कुछ सुधारों के साथ फिट किया और हम पानी को 20-25 फिट तक उपर तक चढ़ाने मे कामयाब हो गए.
इस पम्प का प्रयोग वहां भी किया जा सकता है जैसे किसी बोरवेल मे पानी चला गया हो या कोई अन्य खड्डा खाली करना हो तो हम वह भी कर सकते हैं.
इस से हम घर का पानी का टैंक जो कि छत पर पड़ा हो को भर सकते हैं और सायकिल चलाने से व्ययाम भी हो जाएगा.
हमारी आगामी योजना इस पम्प को एक फ्रेम पर एक बड़े पहियें के साथ फिट करवाने की है जिस से यह हर घर मे एक पापुलर व्ययाम सह पानी का टैंक भरने की मशीन बन सके.
आवश्यक सामग्री :-

1.   एक पुराना परन्तु चालु हालत का आयल प्रेशर पम्प
2.   एक पुराना परन्तु चालु हालत का सायकिल
3.   दो 3 इंच के निप्पल
4.   एक छोटी गरारी
5.   एक अतिरिक्त चेन
6.   पेंट
7.   30 फीट पाईप
8.   एक NRV नो रिटर्न वाल्व   
9.   आवश्यक नट बोल्ट वार्शर, पत्ती आदि
पैंट करने का ब्रश  
बनाने की विधि :-
1.   आयल पम्प पर एक अतिरिक्त गरारी (सायकिल की पिछले पहियें वाली चेन गरारी) वेल्ड करवाई.
2.    आयल पम्प पर दो अतिरिक्त निप्पल एक इनपुट पर एक आउटपुट पर वेल्ड करवाए तांकि उन पर PVC पाईप चढ़  सके.
3.   एक अतिरिक्त चेन की कुछ कड़ियाँ कम करके उसे पैडल गरारी और पम्प की अतिरिक्त गरारी तक फिट किया.
4.   पम्प को नट बोल्ट और पत्ती की सहयता से पिछले चिमटे पर फिट किया.
5.   आयल पम्प की शाफ्ट पर बनी दो एयर रिलीज झिर्रियों को पीतल वेल्ड से भरवा कर फिर खराद से समतल करवा कर शाफ्ट को पुनः फिट किया
6.   दोनों निप्ल्लों पर PVC पाईप चढ़ा कर फिट किये.
7.   सायकिल को पेंट किया.
8.   NRV  नो रिटर्न वाल्व तांकि पानी वापिस ना लौटे जब हम सायकिल का पहियां घुमाना बंद करें.
 इस प्रकार बिना बिजली से चलने वाला मल्टी वर्किंग पम्प बन कर तैयार है.
इन बच्चों के द्वारा तैयार पम्प को देखें इस विडियो मे 
लाभ :-

1.   विज्ञान के प्रति रूचि का विकास
2.   दक्षता का विकास
3.   टीम वर्क की भावना का विकास
4.   विभिन्न विज्ञान नियमों और सिद्धांतों का ज्ञान
5.   मितव्ययता
6.   नये ज्ञान का समावेश
7.   नवाचार को प्रोत्साहन
8.   समस्या का चुनाव और उस का वैज्ञानिक विश्लेषण     

अन्य लाभ :-   
1.   बिजली की बचत
2.   सेहत की देखभाल यानी व्ययाम
3.   बिजली से चलने वाला पम्प ना लगाने की आवश्यकता
4.   बिजली ना होने पर भी काम
5.   सायकिल पर लगा होने से कहीं भी ले जाने की सुविधा
6.   कुएं से पानी निकालना आसान
7.   बोरवेल के पानी को निकालना
8.   मकान क्नस्ट्रशन साईट पर पानी का छत पर पहुंचाना  
आदि 
  कमियां :-
अभी इस पम्प मे कुछ कमियां रह गयीं हैं जैसे
1.   लीकेज पूरी तरह दूर नहीं हुई है.
2.    अभी भारी चलता है.
3.   पानी फेकने की ऊँचाई दोगुनी होनो चाहिये यानी 50 फिट.   

भविष्य की योजना :-
हम इस पम्प को किसी कम जगह घेरने वाली एक फ्रेम पर फिट करके मकान की परमानेंट फिटिंग मे जोड़ने की योजना बना रहें हैं तांकि यह एक ऐसी व्ययाम की मशीन बन जाए कि घर मे जिस को भी सायक्लिंग के व्ययाम का आनंद लेना हो वो इसे चलाए और व्ययाम कर ले और आपनी घर की पानी की टंकी भी भर ले.
अमर उजाला अखबार मे आज २०-०७-२०११ को 
अपने पम्प को जिला स्तरीय प्रदर्शनी मे प्रस्तत करते छात्र वंशिका और  कपिल राना 
अपने पम्प को जिला स्तरीय प्रदर्शनी मे प्रस्तत करते छात्र वंशिका और  कपिल राना 


जिला स्तर पर इंस्पायर के तहत इस मोडल को प्रदर्शित किया गया
देखें यह विडियो जिला स्तर पर प्रदर्शन की ...  


बेहद अफ़सोस के साथ बताना पड़ रहा है कि यह मोडल इन्नोवेटिव होने के बावजूद भी राज्य स्तरीय  इंस्पायर की प्रदर्शनी के लिए चयनित नहीं हो सका :(((
कपिल आज बेहद दुखी है.  
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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Thursday, July 07, 2011

अंगूठी उपर चड़ी कैसे ? What a magical ring ?

अंगूठी उपर चड़ी कैसे ? What a magical ring ? 
यदि कोई ये कहे की कोई चीज़ नीचे से उपर बिना बल लगाए चढ़ जायेगी तो आप कहेंगे क्या जादू है वाह ..
स्कूल खुलते ही बच्चो ने पकड़ लिया मुझे कुछ नया सिखाने के लिए ..
मैंने कहा चलो आओ आज आप को सिखाते है एक अंगूठी अपने आप एक तिरछे पकडे रबर बैंड पर कैसे उपर चढ़ती जाती है.
इसके लिए एक बड़ा रबर बैंड और एक अंगूठी चाहिए ,रबर बैंड को काट कर खोल लेते हैं.चित्र मे देखें. 
इस प्रयोग के लिए सामान 
रबर बैंड के एक सिरे को बायें हाथ की ऊँगली पर लपेट लेते हैं.और दाहिने सिरे को अंगूठे और पहली ऊँगली से दबा कर रखते है.रबर बैंड के एक सिरे से एक हल्की अंगूठी डाल देते है तो हम क्या देखते है कि अंगूठी अपने आप उपर जाने लगती है.
इस को देख कर बच्चे हैरान रह गए कि यह कैसे हो सकता है कि कोई चीज बिना बल लगाए नीचे से उपर की और जा रही है.
यहाँ बच्चे जल्दबाजी कर गए और दोबारा देखे बिना ही सामान मांगने लगे कि हम कर कर देखेंगे. 
बाल मेले रोहतक का फाईल फोटो  
मैंने भी सामान दे दिया, देखते ही देखते कुछ और बच्चे भी रबर और अंगूठी का जुगाड (इंतजाम) कर लाये और मुझे अचानक किसी अध्यापक के बुलावे पर वहां जाना पड़ा. थोड़ी देर के बाद जब मै वापस आया तो बच्चे लगे हुए थे पर कर नहीं पाए.
मैंने कहा चलो मै बताता हूँ,बच्चे बहुत उत्सुकतावश मेरे पास पास आ गए मैंने उन से कुछ प्रश्न पूछने शुरू किये क्यूंकि यही मोका था उनके कुछ भ्रम  दूर करने का ,
मैंने कहा क्या भूत ने यह अंगूठी उपर खीचि ?
क्या मेरी आत्मा की ताकत अंगूठी को उपर उठा रही थी?
क्या आत्मा भूत प्रेत होते हैं ?
क्या मेरे दूसरे हाथ मे चुम्बक था ?
आदि आदि 
बच्चे धड़ा धड नहीं नहीं उत्तर दे रहे थे जो हाँ कह रहे थे उन से बहस कर रहे थे धीरे धीरे एक तर्कशीलता  का माहोल बन गया.
और अपना उद्देश्य सफल हो गया.
अब बारी है जवाब देने की 
कोई जादू नहीं कोई भूत नहीं .
विडियो देखें 
मैं बाए हाथ की उँगलियों मे दबी हुई रबर को धीरे धीरे ढीला कर रहा हूँ और रबर की इलास्टिसिटी के कारण अंगूठी उपर रबर के साथ साथ चढ़ रही है.  
विडियो देखें और कर के देखें आप ने धीरे धीरे रबर को सरकने देना है उँगलियों के बीच से बाकी काम खुद ही हो जाना है .
प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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Sunday, July 03, 2011

हर रोज़ एक प्रश्न ? Daily a new Question?

हर रोज़ एक प्रश्न ? Daily a new Question? 
हर रोज़ एक प्रश्न ?
बहुत दिनों से सोच रहा था कि विज्ञान गतिविधियां Science Activities 
अपने मूल उद्देश्य मोडल ज्ञान और क्लब गतिविधियां से भटक रहा था इसलिए प्रश्न उत्तर या विज्ञान पहेली के लिए एक नया ब्लॉग कईं ब्लोगर साथियों के साथ विचार विमर्श के उपरान्त बनाया गया है.पहेलियाँ कुछ समय बाद इस ब्लॉग से यहाँ इस ब्लॉग पर शिफ्ट कर दी जाएँगी. 
कृपया विज्ञान संचार मे सहयोग करें और नये विज्ञान ब्लोगरों को तैयार करें और ब्लोगिंग को लाभ हानि की नज़र से नहीं देखें इस देश को नेताओं ने नहीं हम ने ही मिल जुल कर विज्ञानमय बनाना है.
डा.अरविन्द मिश्रा ,राज भाटिया ,समीर लाल ,आशीष श्रीवास्तव,अंतर सोहिल ,जाकिर अली ,ललित शर्मा,इन्द्रनील ,भारतीय नागरिक,कुमार राधारमण,शिक्षा मित्र , ePandit ,और एक नाम जो मै लिखूंगा नहीं  आदि अपनी पैनी नज़रों से घूम घूम कर नवोदित ब्लोगरों को टिप्पणी या ई-मैल चैटिंग  से उत्साहित करते रहते हैं वरना बाकी तो टिप्पणी के मुआवज़ा अदायगी  पर दीदार देते हैं मै पहले भी कईं बार कह चुका हूँ कि हिंदी ब्लोगिग के पास पाठकों की कमी है और विज्ञान ब्लोगिग के पास तो भयंकर कमी है. खैर अपना काम करते रहो मस्त रहो ...
इस नये ब्लॉग पर उत्तर दे कर ज्ञानवृद्धि और यादें ताज़ा  करें.
समर्थक बन कर भी उत्साहित करें .
कुछ आज तक की पोस्टों के ,
Qus.no.1:- मधुमेह के मरीज को करेले का जूस क्यों पीना पड़ता है ?
Qus.no.2:- मच्छर के काटने से एच.आई.वी.(एड्स) क्यूँ नहीं होता, जबकि इस काटने की प्रक्रिया मे रक्त चूसा जाता है? 
Qus.no.3:- हमारे सब के बच्चे स्कूल मे क्या करने जाते है ?(एक शब्द मे उत्तर देना है)  
Qus.no.4:- दूध मे वसा की मात्रा किस यंत्र से मापी जाती है और क्या पशु दूध को मांसाहारी(Non-veg) आहार कहा जा सकता है?
Qus.no.5 :- पृथ्वी पर कहीं सर्दी तो कहीं गर्मी रहती है तो ऐसे मे पृथ्वी का ओसत तापमान  Average temperature कितना है?  
एक बार इस ब्लॉग को देख कर अपनी उपस्तिथि अवश्य दर्शायें 
धन्यवाद सहित 

प्रस्तुति :- सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर हरियाणा
द्वारा :-दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर,हरियाणा
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