Saturday, August 18, 2012

विज्ञान गल्प व विज्ञान कार्टून प्रतियोगिता Science Fiction or Science cartoon Competition

विज्ञान गल्प व विज्ञान कार्टून प्रतियोगिता Science Fiction or Science cartoon Competition
लोकप्रिय  विज्ञान पत्रिका साइंस रिपोर्टर के अगस्त 2012 के अंक में पाठकों के लिए विज्ञान गल्प व विज्ञान कार्टून प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा की गयी है
माध्यम  अंग्रेजी है
पाठक दोनों प्रतियोगिताओं में भाग ले सकता है
प्रतियोगिता में कहानी व कार्टून जमा करवाने की अंतिम तिथि १५ अक्टूबर २०१२ है 
विज्ञान गल्प शब्द सीमा २०००-२५०० शब्दों तक सिमित है 
मौलिकता का प्रमाण पत्र साथ देना है 
विजेता  प्रतिभागियों के कार्टून व कहानियां पत्रिका के आगामी अंकों में प्रकाशित होंगीं
अधिक जानकारी के लिए उपरवाले चित्र में पढ़ें
एंट्री भेजने का पता 

In English 
Science Reporter, the popular science magazine, announced Science Fiction and Science Cartoon Competition for its readers.
The readers may take part in both the competitions. In the Science Cartoon category not more than four cartoons may be sent per entrant. The cartoons should be related to scientific topics only.
In the Science Fiction category readers are requested to send only one entry per entrant. The entries must be restricted to about 2000-2500 words.
The entries should be original and should be accompanied with a certificate of originality.
There is no entry fee.
The last date is 15 October 2012.
For further information see the latest issue (August 2012) of Science Reporter.
प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा

Saturday, August 11, 2012

रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला Two days Workshop on Robotics

रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला लगाई गयी Two days Workshop on Robotics
दिनांक  11 अगस्त 2012
मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल में रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरु, सी॰ वी॰ रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर, रोबोसिस इंडिया संगठन, नई दिल्ली तथा भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद, यमुनानगर के संयुक्त तत्वाधान में मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल, सरोजिनी कालोनी यमुनानगर में प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाटला के मार्गदर्शन में रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला का आरम्भ हुआ। 
कार्यक्रम का आरम्भ मुख्य अतिथि यमुना इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग ऍण्ड टैक्नोलॉजी के ऍप्लाइड साइंसिज विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर के॰ सी॰ ठाकुर ने दीप जलाकर किया। उन्होंने रोबोटिक्स में अभियांत्रिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। क्लब सचिव दर्शन लाल बवेजा ने वर्कशॉप की रूप-रेखा की जानकारी देते हुये आधुनिक विज्ञान में रोबोटिक्स के महत्व पर प्रकाश डाला। सूचना प्रोद्यौगिकी विशेषज्ञ श्रीश बेंजवाल ने रोबोटिक्स में कम्प्यूटर विज्ञान के प्रयोग की जानकारी दी।
इस कार्यशाला में दिल्ली से आये विशेषज्ञ कक्षा 10 से 12 के विद्यार्थियों को दो दिनों तक रोबोटिक्स का सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक ज्ञान देंगे और बच्चों से रोबोट के मॉडल भी बनवाएंगे। विशेष तौर पर तैयार की गयी रोबोटिक किट्स से बच्चे रोबोट का क्रियात्मक मॉडल तैयार करेंगे। रोबोट शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को प्रारंभिक स्तर के रोबोट बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा। उम्मीद है कि इस रोबो शिक्षा कार्यशाला से बच्चों की मानसिक क्षमता बढ़ेगी। 
दिल्ली के रोबोसिस इंडिया संगठन के यश कुमार, मुहम्मद सादिक व सुनील कुमार इस कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी हैं।
क्लब प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि इस दो दिन की कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के कुल 35 छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यहाँ से चुने गए कुछ छात्र आगामी चरण की कार्यशाला में प्रवेश करेंगे। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिए जायेंगे। इस अवसर पर प्रोफेसर के॰ सी॰ ठाकुर, डॉ॰ चन्द्रशेखर शर्मा, संजय शर्मा, श्रीश बेंजवाल, डॉ॰ ममता वर्मा, साधना मेहता, देवेन्द्र कुमार, रविन्द्र पुँज आदि का योगदान सराहनीय रहा।
अखबारों  में ......
दिनांक  12 अगस्त 2012
मुकुन्द लाल पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला संपन्न
आज मुकुन्द लाल पब्लिक स्कूल, सरोजिनी कॉलोनी यमुनानगर में सी. वी.रमण विज्ञान क्लब के सौजन्य से चल रही दो दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस कार्यशाला में 35 विद्यार्थि
यों और 8 अध्यापकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस कार्यशाला में छात्रों को रोबोट बनाने सिखाए गए और विभिन्न प्रकार के रोबोटों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम चरण में छात्रों ने रोबोटिक्स का सैद्धान्तिक ज्ञान प्राप्त किया और द्वितीय चरण में स्वयं अपने हाथों से रोबोट बनाए। पाँच–पाँच छात्रों के समूह में कुल सात रोबोट बनाकर उनका क्रियात्मक प्रदर्शन किया गया।
स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती शशि बाठला ने कहा कि इस तरह के कार्यशालाएँ छात्रों में विज्ञान शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने में सहायक साबित होती हैं। भविष्य में हमारे जीवन में रोबोटों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और हमारे दैनिक जीवन के विभिन्न कार्य रोबोटों द्वारा ही संचालित किए जाएँगे। यातायात, अन्तरिक्ष विज्ञान, चिकित्सा, खनन, रक्षा, व्यावसायिक कार्यों, स्वचालित वितरण प्रणालियाँ रोबोटों द्वारा ही संचालित होंगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में चयनित होने वाले छात्र आगामी चरण की कार्यशाला में प्रवेश करेंगे।
प्रशिक्षण चार समूहों में दिया गया।
समूह संख्या 1


समूह संख्या 2
समूह संख्या 3
समूह संख्या 4
दिल्ली से आए प्रशिक्षण अधिकारियों यश कुमार, मुहम्मद सादिक तथा सुनील कुमार ने रोबोटिक्स की सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक जानकारी दी। रोबोट मॉडलों का डेमो भी दिखाया गया।
रोबोट शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को प्रारंभिक स्तर के रोबोट बनाने का भी प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों ने विशेष तौर पर तैयार की गई रोबोटिक किट्स से रोबोट के क्रियात्मक मॉडल तैयार किए।
कार्यशाला के समापन पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर के सी ठाकुर, चन्द्रशेखर शर्मा तथा डॉ. ममता वर्मा द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर दर्शनलाल बवेजा, श्रीश बेंजवाल, साधना मेहता, देवेन्द्र कुमार आदि का योगदान सराहनीय रहा।
अखबारों  में .....
अमर उजाला
दैनिक भास्कर

प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in DAV school

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in DAV school
डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के क्लब सदस्य
सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने स्थानीय डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में एक विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी, कम लागत के विज्ञान प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स व विज्ञान माडल लगाए गए।
पोस्टर प्रदर्शनी देखते छात्र
विज्ञान संचार के प्रति वचनबद्ध सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने बहुत मेहनत से व उत्साह दिखाते हुए इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित रोचक जानकारी दी। क्लब सदस्यों ने नेचर से सम्बन्धित पोस्टर्स के माध्यम से प्राकृतिक आपदा, भारतीय ओषधीय पौधे, भारत के ग्रासलैंड्स, भारत की नदियाँ, सूक्ष्मजीवों का संसार, भारत के लुप्तप्राय जंतु, पर्वत, रेगिस्तान खाद्य सुरक्षा, आइलैंड्स, जंगल, समुन्द्र, मूंगे, मैन्ग्रूव्स नम भूमि, भूमिगत जल आदि को दर्शाते पोस्टर दिखाए व समझाए गए, क्लब सदस्य गुन्जोत सिंह ने पोस्टर प्रदर्शनी की कमान संभाली। 
पुस्तक प्रदर्शनी देखते छात्र व अभिभावक
पुस्तक प्रदर्शनी पर क्लब सदस्य भारत बजाज ने बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित विभिन्न पुस्तकों और मैगजीन्स से परिचित करवाया। क्लब सदस्य भारत भास्कर व सूर्य गुप्ता ने अपने माडल प्रकाश का प्रयोग बक्स से अपवर्तन, परावर्तन के प्रयोग करके दिखाए। ऋतिक शर्मा ने किरोसिन आयल व कपूर के मिश्रण से मच्छर मारने की नए प्रकार की मशीन के माडल का प्रदर्शन किया। इस मशीन को बिना बिजली के चलाया जा सकता है और मच्छर इस की और आकर्षित हो कर इस में फंस जाते हैं
परास बत्रा अपने नवाचारी माडल से समझाते हुए
परास बत्रा ने अपने नवाचारी माडल से सुचालक व कुचालक पदार्थों की पहचान करना बताया। 
क्लब सदस्य हिमांशु शर्मा ने विभिन्न वनस्पतियों से तैयार एक द्रव का प्रदर्शन किया जो कि गाजर घास (कांग्रेस ग्रास) को बढ़ने से रोकता है। इनका यह फार्मूला पेटेंट के लिए आवेदित है

कम लागत के विज्ञान प्रयोग का प्रदर्शन
क्लब  सचिव दर्शन लाल विज्ञान अध्यापक ने कम लागत के विज्ञान प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स करके बच्चों का ज्ञानवर्धन किया। नीरज व नकुल ने भी खेल खेल में विज्ञान के प्रयोग करके दिखाए।
प्रधानाचार्य व मुख्य अतिथि प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य वी.एस. ठाकुर व रसायन विज्ञान प्रवक्ता सुमन शर्मा, एम.एम.मेडिकल कालेज के रीडर डाक्टर अमित बाली व अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से उनके माडल्स सम्बन्धित प्रश्न पूछे।
श्री आर. पी. गाँधी जी
इस  अवसर पर यमुनानगर के जाने माने तर्कशील श्री आर. पी. गाँधी जी ने बच्चों को अंधविश्वास निवारण पर बहुत ज्ञानवर्धक व्यख्यान दिया  
प्रधानाचार्य वी.एस.ठाकुर ने सी. वी. रमण विज्ञान क्लब की विज्ञान संचार के प्रति लग्न के मुक्तकंठ से प्रसंशा की और कहा कि इस प्रकार के क्लब बच्चों व अभिभावकों में विज्ञान शिक्षा के प्रति रूचि उत्पन्न करते हैं।
 इस अवसर पर क्लब की तरफ से बच्चों व स्कूल को विज्ञान पुस्तके भेंट की गई। स्कूल के बहुत से बच्चों ने क्लब की सदस्यता ग्रहण की व क्लब की आगामी गतिविधियों में भाग लेने में रूचि प्रकट की। 


प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा
  

Saturday, August 04, 2012

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in MLPS

क्लब सदस्यों ने लगाई विज्ञान प्रदर्शनी Science Exhibition in MLPS
माडल प्रदर्शनी
सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने स्थानीय मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल में एक विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी, कम लागत के विज्ञानं प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स व विज्ञान माडल लगाए गए।
पोस्टर प्रदर्शनी
विज्ञान संचार के प्रति वचनबद्ध सी. वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने बहुत मेहनत से व उत्साह दिखाते हुए इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित रोचक जानकारी दी। क्लब सदस्यों ने नेचर से सम्बन्धित पोस्टर्स के माध्यम से प्राकृतिक आपदा, भारतीय ओषधीय पौधे, भारत के ग्रासलैंड्स, भारत की नदियाँ, सूक्ष्मजीवों का संसार, भारत के लुप्तप्राय जंतु, पर्वत, रेगिस्तान खाद्य सुरक्षा, आइलैंड्स, जंगल, समुन्द्र, मूंगे, मैन्ग्रूव्स नम भूमि, भूमिगत जल आदि को दर्शाते पोस्टर दिखाए व समझाए गए, क्लब सदस्य सोनाक्षी ने पोस्टर प्रदर्शनी की कमान संभाली। 
पुस्तक प्रदर्शनी
पुस्तक प्रदर्शनी पर क्लब सदस्य अमन काम्बोज ने बच्चों व अभिभावकों को विज्ञान से सम्बन्धित विभिन्न पुस्तकों और मैगजीन्स से परिचित करवाया। क्लब सदस्या आंचल काम्बोज ने अपने माडल प्रकाश का प्रयोग बक्स से अपवर्तन, परावर्तन के प्रयोग करके दिखाए। शाश्वत शर्मा ने किरोसिन आयल व कपूर के मिश्रण से मच्छर मारने की नए प्रकार की मशीन के माडल का प्रदर्शन किया। इस मशीन को बिना बिजली के चलाया जा सकता है और मच्छर इस की और आकर्षित हो कर इस में फंस जाते हैं
माडल प्रदर्शनी
परास बत्रा व पार्थवी ने अपने नवाचारी माडल से सुचालक व कुचालक पदार्थों की पहचान करना बताया। क्लब सदस्य मान्वेंदर शर्मा ने विभिन्न वनस्पतियों से तैयार एक द्रव का प्रदर्शन किया जो कि गाजर घास (कांग्रेस ग्रास) को बढ़ने से रोकता है।
क्लब  सचिव दर्शन लाल विज्ञान अध्यापक ने कम लागत के विज्ञान प्रयोग, रोचक गणितीय ट्रिक्स करके बच्चों का ज्ञानवर्धन किया। अनुराग व अमन काम्बोज ने भी खेल खेल में विज्ञान के प्रयोग करके दिखाए।
मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य मैडम शशि बाठला व रसायन विज्ञान प्रवक्ता श्रीमती मंजू वर्मा, डाक्टर चंद्रशेखर शर्मा व अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से उनके माडल्स सम्बन्धित प्रश्न पूछे। प्रधानाचार्य मैडम शशि बाठला ने सी. वी. रमण विज्ञान क्लब की विज्ञान संचार के प्रति लग्न के मुक्तकंठ से प्रसंशा की और कहा कि इस प्रकार के क्लब बच्चों व अभिभावकों में विज्ञान शिक्षा के प्रति रूचि उत्पन्न करते हैं। 
इस अवसर पर क्लब की तरफ से बच्चों व स्कूल को विज्ञान पुस्तके भेंट की गई। स्कूल के बहुत से बच्चों ने क्लब की सदस्यता ग्रहण की व क्लब की आगामी गतिविधियों में भाग लेने में रूचि प्रकट की। 
प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा
   

Friday, July 13, 2012

रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला जल्द Two days Workshop on Robotics

रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला जल्द Two days Workshop on Robotics
सी.वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर और रोबोसिसइंडिया संगठन नयी दिल्ली के सयुंक्त तत्वाधान में यमुनानगर के दो स्कूलों व एक पोलिटेक्निक कालेज में अतिशीघ्र रोबोटिक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यशाला में रोबोट्स के विशेषज्ञ कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक ज्ञान देंगे और बच्चों को रोबोट के माडल भी बनवाएंगे। वशेष तौर पर तैयार की गयी रोबोटिक किट से बच्चे अपना अपना रोबोट का माडल तैयार करेंगे। रोबो शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को प्रारंभिक स्तर के रोबोट बनाने भी सिखाए जायेंगे। उम्मीद है इस कि रोबो शिक्षा कार्यशाला से बच्चों की मानसिक क्षमता बढ़ेगी।
दिल्ली में स्थापित रोबोसिसइंडिया संगठन से यश कुमार, मुहम्मद सादिक व सुनील कुमार इस कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी रहेंगे           
क्लब समन्वयक दर्शन लाल ने बताया कि यहाँ क्लब सदस्यों द्वारा अपने स्तर पर तैयार विभिन्न रोबोट्स का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा पांच सत्रों में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक तरीके से रोबोट बनाने के सारे गुर सिखाए जायेंगे। विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के बढ़ते कदम रोबोटिक इंजिनयरिंग में विशेष सम्भावना तलाश चुके हैं इसके मद्देनजर सी.वी. रमण विज्ञान क्लब यमुनानगर, रोबोसिसइंडिया संगठन के साथ मिल कर  बच्चों की रूचि रोबोटिक्स के क्षेत्र में जगाने के लिए एक बड़ा प्रयास करने जा रहा है। 
विज्ञान संचार के क्षेत्र में क्लब सदस्य व क्लब पदाधिकारी खुले दिल से सहयोग करते हैं व सदैव क्लब की गतिविधियों में सहभागी होते हैं। क्लब सदस्यों के अथक प्रयासों से क्लब आज अंतर्राष्ट्रीय पहचान स्थापित कर चुका है पृथ्वी की परिधि, कम लागत के विज्ञान माडल, साइंस प्रोजेक्ट, खगोलिकी, गणित गतिविधियों (पास्कल का रहस्यमयी षटकोण) और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के साथ अब रोबोट मेकिंग भी क्लब की नियमित गातिविधि बनने जा रही है। हालांकि रोबोट मेकिंग कार्यशाला एक बहुत खर्चीला प्रोजेक्ट है, परन्तु क्लब के विज्ञान संचार प्रेम के आगे कोई कठिनाई आड़े नहीं आ सकती। 
क्लब प्रवक्ता संजय शर्मा जी ने बताया कि मनुष्य के दिल बहलाने और खेल के लिए बैटरी लगा कर बने रोबोट्स के दिन अब लद गए। रोबोटिक्स विज्ञान और तकनीक में नई क्रांति हो रही है जिसे इवोल्यूशनरी रोबोटिक कहा जाता है। अब रोबोट्स का पालतू जानवर की तरह इस्तेमाल करने का विचार वैज्ञानिकों के जेहन में बलवान हो रहा है। रोबोट्स को सिर्फ पालतू बनाने का विचार ही नहीं बल्कि वे रोबोटों को पैदा करने की भी बात कर रहे हैं। इवोल्यूशनरी रोबोटिक की खासियत है कि इसके तहत रोबोट्स में मनुष्यों वाली विशेषताएं भी होंगी। रोबोट में इस्तेमाल होने वाली मशीनें डायनामिक होंगी, आस-पास के वातावरण से खुद को समायोजित कर लेंगी, खुद को बदल सकेंगी, आदेश दे सकेंगी, साथ ही अपने आप सीख सकेंगी, सहायता करेंगी, विकसित होंगी और जिंदा प्राणी या व्यक्ति की तरह खुद को विकसित कर सकेंगी। 
इवोल्यूशनरी शब्द की व्याख्या करते हुए क्लब के गणित विशेषज्ञ मुकेश रोहिल ने बताया कि यह शब्द रोबोटिक्स विज्ञान में काम करने वाले अलग-अलग विभागों के लिए बहुत महत्वपूर्ण शब्द है। उनका विचार है कि अगर रोबोट तकनीक में विकास का सिद्धांत आ जाए तो रोबोट अपने दम पर हल निकाल सकेंगे, ऐसा हल जो उनके सॉफ्टवेयर में नहीं इंस्टाल किया गया होगा। जिस प्रकार जीवित प्राणियों में प्राकृतिक इवोल्यूशन का आधार म्यूटेशन यानी उत्परिवर्तन होता है। इसका मतलब है आनुवांशिक धरोहर में छोटे-छोटे बदलाव होते है जिन में से लाभदायक स्थाई होते जाते हैं पीढ़ी दर पीढ़ी यह बदलाव अपने आप आगे जाते हैं। इस तरह के बदलाव उत्तरजीविता के लिए लाभदायक होते हैं ठीक इसी तर्ज पर बने नए रोबाट्स अपने आप अपनी उन्नत पीढ़ी तैयार कर सकेंगे
रोबोटिक विज्ञान में अपार संभावनाओं को देखते हुए क्लब ने इस क्षेत्र में अन्य विशेषज्ञों से भी सम्पर्क किया है भूतपूर्व क्लब सदस्य होने के नाते वो कार्यशाला लगाने के लिए सहर्ष तैयार है व भविष्य की कार्यशालाओं के लिए मास्टर ट्रेनर्स भी वर्तमान क्लब सदस्यों में से ही चूने जायेंगे जिनके विशेष प्रशिक्षण के अलग से व्यवस्था होगी  
अखबारों  में .....
 आओ देखें वो 7 शानदार ह्युमनोइड रोबोट जो बनाएंगे आपका जीवन आसान 

रोबोटिक दुनिया में अनुसंधान लगातार जारी हैं और अब ऐसे रोबोट बन रहे हैं जो काफी हद तक इंसानों के समकक्ष कार्य कर सकते हैं. इसलिए वैज्ञानिक और इंजीनियर अब अगले स्तर पर जा रहे हैं जहाँ रोबोट भावनाएँ भी व्यक्त करेंगे और भावनाओं को समझेंगे भी. प्रस्तुत है 7 शानदार ह्युमनोइड रोबोट की सूचि जो आजकल चर्चा में हैं. इस सूचि में होंडा का प्रसिद्ध रोबोट आसिमो शामिल नहीं है

reem-a
Reem-A
स्पैन की पाल टेक्नोलोजी रोबोटिक्स ने यह शानदार रोबोट बनाया है. रीम-ए आगे पीछे चल सकता है, वजन उठा सकता है और शतरंज भी खेल सकता है परंतु इसकी सबसे बडी विशेषता है इसकी चेहरा पहचानने की क्षमता. तो भूल जाइए कि आप कोई निर्देश देंगे और रीम-ए मान लेगा, क्योंकि यह सिर्फ अपने मालिक की सुनता है
Nexi
Nexi
नेक्सी प्रसिद्ध संस्थान एमआईटी द्वारा विकसित यह रोबोट मोबाइल-क्लेवर-केरिंग तकनीक पर काम करता है
यह रोबोट पहिओं पर चलता है और कई काम कर सकता है. इसमें थ्रीडी इंफ्रारेड कैमेरा है जो इसे चेहरों और चीजों की पहचान करने लायक बनाता है इसकी सबसे बडी विशेषता है इसकी भावनाएँ व्यक्त करने की क्षमता इससे बात कीजिए और यह मुस्कुराएगा, उदास होगा और अपनी भौएँ भी ऊपर नीचे करेगा. इसको विकसित करने वाली टीम का मानना है कि एकदिन नेक्सी इंसानों के साथ एक टीम की तरह काम करेगा
Joe & Co
जर्मनी की म्यूनिख टेक्निकल यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित जो श्रेणी के रोबोट शानदार रोबोटिक इंजीनियरिंग का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं
इस श्रेणी के रोबोट बनाने के पीछे का मूल उद्देश्य था इंसानों की पूरी तरह से नकल करना. तभी तो जॉनी नामक रोबोट, जिसको 2003 में बनाया गया था, एक वयस्क इंसान के जितना लम्बा है और 2.7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है. परंतु उसकी बहन लोला उससे भी अधिक निपुण है वह 5 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकती है और जॉनी के 17 जोडों की विपरित लोला के पास 25 जोड़ हैं जो उसे इंसानों के और करीब लाते हैं
CB2
CB2
जापान की एजेंसी फोर साइंस एंड टेक्नोलोजी ने यह रोबोट बनाया है
सीबी2 का अर्थ है - Child Robot with Biomimetic Body, यानी की एक बच्चा रोबोट जिसके पास ऐसा शरीर है जो भावनाएँ व्यक्त कर सकता है. सीबी2 में 197 अत्यधिक सवेंदनशील सेंसर लगाए गए हैं. इसकी त्वचा मुलायम है उसमें टच सेंसर लगे हैं इसके अलावा सीबी2 में 56 छोटी मोटरें भी लगी है. यह रोबोट 1 से 3 वर्ष के बच्चे की तरह काम करता है इसके छूते ही यह अपनी भावनाएँ व्यक्त करने लगता है
Ishiguro
Ishiguro
जापान की इंटेलिजेंट रोबोटिक्स लेब ने इशिगुरो परिवार के रोबोट बनाए हैं
इस श्रेणी के अंतर्गत कई एडवांस रोबोट बनाए गए हैं जैसे कि वाकामारू और एवेली-पी1. ये रोबोट ना केवल ह्यूमनोइड [इंसानों की तरह चलते फिरते] बल्कि एंड्रोइड [इंसानों की तरह व्यवहार करने वाले] श्रेणी में भी आते हैं. ये रोबोट रोजमर्रा के कामकाज में इंसानों की मदद करने के लिए बनाए गए हैं
Armar-3
Armar-3
जर्मनी के इंस्टिट्यूट फोर टेक्निकल इंफोर्मेटिक्स यूनिवर्सिटी ऑफ कार्लशु के द्वारा बनाया गया यह रोबोट रसोई में आपकी मदद करता है
यह रोबोट स्टीरियो मोड में आपकी आवाज से निर्देश प्राप्त कर सकता है लेजर बीम द्वारा चिह्नित की गई किसी चीज को उठाकर ला सकता है और अब इसे टेबल पर शराब और खाना परोसने लायक बनाया जा रहा है. इंजीनियर इससे एक कदम आगे की सोचते हुए इसमें रिमोट डायग्नोस्टिक सुविधा भी जोड रहे हैं ताकी भविष्य में यदि यह रोबोट अपनी मनमानी पर उतर आए तो इसे रोका जा सके
Zoe Ren Ti 2
android_twin_robot
इस रोबोट का व्यवसायिक उपयोग नहीं होगा, इसे इस लायक बनाया भी नहीं गया है. परंतु फिर भी यह रोबोट चर्चा में है
ऐसा इसलिए क्योंकि इसे बिल्कुल अपने मालिक के जैसा बनाया गया है चीन की ज़ियान कोरेन स्कल्पचर रिसर्च इंस्टिट्यूट ने यह रोबोट बनाया है जो हंस सकता है, चेहरा घुमा सकता है और हाथ मिला सकता है चीन के इस प्रसिद्ध संस्थान ने इस रोबोट को बनाने के लिए विशेष सिलिका जेल का इस्तेमाल किया है ताकी इसकी चमड़ी बिल्कुल इंसानों जैसी लगे यह बिल्कुल अपने मालिक जो रेन टी की प्रतिकृति है पहचानिए असली कौन है और नकली कौन!
प्रस्तुति: सी.वी.रमन साइंस क्लब यमुना नगर, हरियाणा
द्वारा: दर्शन बवेजा,विज्ञान अध्यापक,यमुना नगर, हरियाणा