Saturday, April 25, 2020

पानी का नीचे न गिरना Air Pressure Activity

  पानी का नीचे न गिरना Air Pressure Activity  

आवश्यक सामग्री - कांच का बर्तन    (गिलास),   मोटे कागज का वर्गाकार टुकड़ापानी।
कारणवायु  दबाव डालती है। Air Pressure. 
कार्य विधि: गिलास में पानी लोअब मोटे कागज के वर्गाकार टुकड़े को गिलास के मुँह पर रख कर हथेली से सहारा देते हुए गिलास को पानी समेत सावधानीपूर्वक उल्टा कर दो और सावधानीपूर्वक ही  अपनी 
हथेली भी कागज से हटा लो।देखो क्या हुआ? मोटे कागज का वर्गाकार टुकड़ा पानी को नीचे नहीं गिरने देगा। पानी की अलग-अलग मात्रा ले कर इस    एक्टिविटी का मजा लो।

विडियो भी देख सकते हो इस गतिविधि का आप।
                

द्वारा: दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा।

Friday, April 24, 2020

मेरा अपना सप्रे पम्प Spray Pump

मेरा अपना सप्रे पम्प Spray Pump

Spray Pump,सप्रे पम्प
आवश्यक सामग्री: एक ग्लास का बर्तन, दो बेकार हो चुके पेन/स्ट्रॉ, पानी।
सिद्धांत: बर्नोली का सिद्धांत गति बढ़ी-दबाव घटा, Speed increased-Pressure decreased.

 बनाने की विधि – काँच के बर्तन में पानी ले कर दोनों पेनो/स्ट्रा के 2 टुकड़ों को 90 डिग्री के कोण पर लगा लेते है (चित्रानुसार एक पानी के अन्दर दूसरा बाहर) उपर वाले पेन में जोर से फूँक मारने पर इस पेन के अगले भाग से पानी की फुहार निकलेगी। लिजिए बन गया आप का अपना सप्रे पम्प। ध्यान रहे कि दोनों पेनो की टिप दुसरे को छुए (यानि की टच करे )।


द्वारा: दर्शन लाल बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा

Thursday, April 23, 2020


मेरा उत्तल और अवतल लेंस (जल लैंस) convex and concave lens
मेरा उत्तल और अवतल लेंस convex and concave lens

आवश्यक सामग्री: 
एक दवा (टीका) की खाली शीशी, पानी।
बनाने की विधि: दवा (टीका) की खाली हो चुकी काँच की शीशी की डाट निकले बिना सिरिंज की मदद से उस में पानी भर ले और एक हवा का बुलबुला छोड़ दें यानी थोड़ी सी जगह में पानी न डालें खाली रखें।
कार्य विधि:  अब पानी में से देखेगे॓ तो अक्षर बड़े दिखंगे और बुलबुले में से देखेगे॑ तो अक्षर बारीक़ दिखेंगे। लो बन गया अपना उत्तल और अवतल लेंस यानी जल लैंस।
** फ़्यूज हुए इलेक्ट्रिक बल्ब से भी बना कर देखो ।
द्वारा--दर्शन बवेजा, विज्ञान अध्यापक, यमुना नगर, हरियाणा

Tuesday, April 21, 2020

लिरिड उल्कापात Lyrid Meteor Shower

लिरिड उल्कापात Lyrid Meteor Shower
लिरिड उल्कापात का नजारा 22 अप्रैल की रात को।
 सी वी रमन विपनेट विज्ञान क्लब C V Raman VIPNET Sci. Club
सी0 वी0 रमन विपनेट विज्ञान क्लब सदस्यों द्वारा उल्का, उल्कापात, उल्कापिंड, छूद्रग्रह, धूमकेतु आदि अन्य खगोलीय पिंडों पर वाट्सएप्प ग्रुप पर चर्चा की गई। इस चर्चा के दौरान में 22 अप्रैल को रात्रि में उल्कापात देखने सम्बंधित टिप्स दिए गए।
लिरिड नामक उल्का वर्षा का अधिकतम नज़ारा 22 अप्रैल, 2020 रात्रि को रहेगा।
जो अगले कुछ दिन तक और भी दिख सकता है। कृष्ण पक्ष की इन रात्रि में चंद्रमा का प्रकाश बहुत कम रहता है तो गिरती उल्कायें साफ दिखायी देंगी ऐसी संभावना है, बशर्ते बादल ना हों। यह वाला उल्कापात उत्तरी गोलार्ध में यानी हमे अच्छी तरह से दिखेगा।
इन उल्काओं के गिरने की गति 48.4 किलोमीटर/सेकेंड की होगी। इन गिरती उल्काओं को देखने का समय मध्य रात्रि से लेकर अलसुबह 4 से 5 बजे तक का समय अच्छा रहेगा।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार उचित समय मे एक घंटे में 10 से 20 उल्कापात होना दृष्टिगोचर हो सकते है। ये उल्कापात लाइरा नक्षत्र में होने के कारण इनका नाम लिरिड उल्कापात रखा गया है। प्रतिवर्ष अप्रैल में यह घटना घटित होती है, क्योंकि इस वक्त पृथ्वी अपने परिक्रमण के दौरान अंतरिक्ष के  ऐसे क्षेत्र से गुजरती है, जहां अंतरिक्ष में धूमकेतुओं (पुच्छलतारों) की पूंछ से छूटे छोटे-बड़े पत्थरनुमा टुकड़े बहुत ज्यादा संख्या होते है। उल्कायें  सी/1861 जी-1 थैचर नामक पुच्छल तारे के मलबे द्वारा उत्पन्न की जाती हैं। जिस धूमकेतु द्वारा उल्काएं उत्पन्न होती है उसे अभिभावक धूमकेतु  कहा जाता है।
पूरे साल में इस समय मौसम बहुत बढ़िया बना हुआ है प्रदूषण भी न्यूनतम स्तर पर है।
सी वी रमन विपनेट विज्ञान क्लब सरोजिनी कालोनी के सदस्य इस लॉकडाउन के चलते अपने अपने घर की छत से इस उल्कापात का अवलोकन करेंगे। उन्हें क्लब समन्वयक दर्शन लाल बवेजा द्वारा क्लब के वट्सअप ग्रुप पर जानकारी व आवश्यक कॉर्डिनेट दे दिए गए हैं।
उल्कापात को सामान्य जनमानस टूटता तारा भी कहते हैं और इस रोशनी की लकीर को देख कर मुरादें (विश) माँगी जाती है। यह एक पुराना रिवाज है जबकि इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नही है। जब कोई उल्का पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती हैं तो वह वायुमंडलीय घर्षण के कारण जलकर चमकने लगती है और क्षण भर में जलकर स्वाहा हो जाती है व रोशनी की एक लकीर छोड़ जाती है। यदि पूरे वायुमंडल को पार करने के बाद भी उल्का जलने के पश्चात भी शेष रह जाती है तो वह पृथ्वी से टकरा जाता है उसे उल्कापिंड कहते हैं।
वर्ष 2020 के महत्त्वपूर्ण उल्कापात:
4 जनवरी, 2020 क्वाड्रंटिड्स
 22-23 अप्रैल, 2020 लिरिड्स
 5 मई, 2020 एटा एक्वारिड्स
 जुलाई के अंत में, 2020 डेल्टा एक्वारिड्स
 12 अगस्त, 2020 पर्सिड्स
 7 अक्टूबर, 2020 ड्रेकोनिड्स
 21 अक्टूबर, 2020 ओरियोनिड्स
 4-5 नवंबर, 2020 साउथ टॉराइड्स
 11-12 नवंबर, 2020 उत्तर टॉरिड्स
 17 नवंबर, 2020 लियोनिड्स
 13-14 दिसंबर, 2020 जेमिनीड्स
 22 दिसंबर, 2020 उर्सिड्स।
इसके अलावा भूली भटकी उल्कापात तो रोजाना होता हैं।

दर्शन लाल बवेजा प्रस्तुति

Saturday, March 16, 2019

14 मार्च का अद्भुत संयोग, 14th march the Amazing coincidence

विज्ञान गणित के लिए खुशी गमी का मिला जुला दिन है 14 मार्च
गणितीय स्थिरांक पाई पर की चर्चा और वैज्ञानिकों को किया याद
विज्ञान एवं गणित के लिए खास है 14 मार्च का दिन
पाई दिवस
सरोजिनी कालोनी स्थित सीवी रमन साइंस क्लब के सदस्यों ने 14 मार्च की विज्ञान,  तकनीकी व गणित के क्षेत्र में मिली-जुली उपलब्धियों पर चर्चा की गयी। क्लब समन्वयक दर्शन लाल बवेजा व क्लब सदस्यों ने स्टीफन हॉकिंग्स को उनकी पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उसके बाद अल्बर्ट आइंस्टीन को उनके जन्मदिन पर याद किया। बवेजा ने कल्ब सदस्यों को स्टीफन हॉकिंग्स व अल्बर्ट आइंस्टाइन के जीवन और उनकी वैज्ञानिक क्षमताओं व उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया।  आज ही के दिन 'पाई (π) दिवस' भी मनाया जाता है पाई गणित में एक स्थिरांक को कहते हैं जो किसी वृत्त की परिधि और व्यास का अनुपात होता है। गणित के सवाल करते हुए हमने पाई 22/7 का प्रयोग बहुत बार किया है। 14 मार्च जिसे हम 14-3 कह सकते हैं जो 3.14 दो दशमलव अंकों तक पाई के मान को प्रकट करता है इसलिए आज के दिन 14 मार्च को पाई दिवस के रूप में मनाया जाता है। विज्ञान, गणित व तकनीकी के क्षेत्र में स्टीफन हॉकिंस अल्बर्ट आइंस्टाइन और पाई के योगदान पर चर्चा करके क्लब सदस्यों ने ज्ञानार्जन लिया।  क्लब की इस बैठक में पार्थवी, अंशिका, ग्रेसी, हिमांशी, पलक, पारस, जीविशा, पुष्टि, छवि, बाणी, संयम, अर्श, परणिका आदि क्लब सदस्यों ने भाग लिया।
अखबारों में
Darshan Lal Baweja
Science Teacher Cum Science Communicator
Incharge Jamun Eco Club
Secretary C V Raman VIPNET science Club VP-HR 0006 (Platinum category Science club-2017)  Yamuna Nagar
Distt. Coordinator NCSC-DST, Haryana Vigyan Manch Rohtak, Science Blogger,
Master Trainer for Low/Zero Cost Science Experiments, Simple Science Experiments, TLM (Science) Developer
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