Thursday, April 22, 2010

चुम्बक के खेल कक्षा 3 से 6

चुम्बक के खेल कक्षा 3 से 6
आवश्यक सामग्री--- दो या तीन गोल चुम्बक (आडिओ स्पीकर के) ,एक लकड़ी का स्टैंड
सिद्धांत--- चुम्बक के गुण
बनाने की विधि..कार्यविधि... चुम्बक के दो ध्रुव एक उत्तरी एक दक्षिणी होता है | बच्चे सदा चुम्बक के प्रति आकर्षित होते है खासतोर पर कक्षा 3 से 6 तक के ,ऐसे में  हमारा फर्ज़ बनता है हम उन्हें चुम्बके उपलब्ध करवाये और उन को उल्टा सीधा कर के अपना कोशल विकसित करने दे| यह अति साधारण मॉडल इस जिज्ञासा को शांत करने का सरल उपाए है सामान ध्रुव प्रतिकर्षित करते है विपरीत ध्रुव आकर्षित करते है इस मॉडल में सामान ध्रुव की स्थिति में दोनों चुम्बक हवा में लटके हुए लगते है तीन चुम्बक ले कर भी मजे लिए जा सकते है |लकड़ी का स्टैंड इस लिए लेते है यह चुम्बक से नहीं चिपकता | अध्यापक  अपने ज्ञान से और व्याख्या कर सकते है कुछ नए टिप्स भी जोड़ सकते है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा


विज्ञान गीत

प्रस्तुत है एक विज्ञान गीत

श्रीमति इंदु अरोड़ा  गणित अध्यापिका की और से


अँधेरे भगाओ उजाले लाओ |
पढ़ो विज्ञान नवचेतना लाओ  ||
 
जानो कैसे हवा ये चले
जानो कैसे दीपक ये जले
जानो कैसे ये  बारिश आये
जानो कैसे ये दिन रात बने
अँधेरे भगाओ उजाले.................
आंध्विश्वाशो से बाहर आओ
भूत प्रेतों का डर है मिटाओ 
अपनी शक्ति को पहचानो
जैवविकास के सच को मानो
अँधेरे भगाओ उजाले.................
न्यूटन को तुम याद करो
जिसने गुरुत्व है समझाया
एडिसन का करो शुक्रिया
बल्ब जिसने है चमकाया
अँधेरे भगाओ उजाले.................
हर बीमारी से हम अब लड़े
 
और मौत के आगे डटे खड़े
प्रतिजैविक और कई दवाई
मनुष्यों की है जान बचाई
अँधेरे भगाओ उजाले.................
ऊँची इमारते गगन चूमे
लम्बे पुल हवा में झूमे
मोटर चले जैसे हंवाये
आवो तुम्हे विज्ञान पढ़ाये

अँधेरे भगाओ उजाले लाओ |
पढ़ो विज्ञान नवचेतना लाओ  ||
                                                      
जारी...... 

Wednesday, April 21, 2010

वाल्व और पम्प को जानो


वाल्व और पम्प को जानो
आवश्यक सामग्री....  कैमरे की फ़िल्म की दो खाली डिब्बी,सायकिल के पहिये की ट्यूब ,एक पेन का खाली  रिफिल ,एक पंचर सायकिल की ट्यूब  मे लगने वाला
सिद्धांत....
वाल्व,पम्प का सिद्धांत

 
बनाने की विधि..कार्यविधि ..वाल्व तैयार करने के लिए एक कैमरे की रील के खाली डिब्बी लेते है उस की तली में एक चकोर कट काट  लेते है  डिब्बी में अंदर की तरफ कट के उपर तीन तरफ  एक पंचर का टुकड़ा चिपका देते है   पंचर का एक सिरा खुला  रखना है सायकिल के पहिये की ट्यूब का एक 7 इन्च का टुकड़ा लेते है उस के एक सिरे पर बनाई गयी वाल्व लग देते है फ़वी कविक से चिपका देते है। दुसरी कैमरे की फ़िल्म की खाली डिब्बी के नीचे से 1cm  की दुरी पर एक सुराख कर के उस मे एक पेन का खाली  रिफिल  का टुकड़ा फंसा  देते है । डिब्बी को फ़वी कविक से ट्यूब के दूसरी तरफ चिपका देते है। अब हमने एक ग्लास में पानी ले कर वाल्व की और वाला हिस्सा पानी में डूबा कर चित्रानुसार ट्यूब को बार बार दबाते यानि की भींचते है ऐसा करने से पानी उपर चढने लगता है और रिफिल में से बहार आने लगता है | इस मॉडल को भींच पम्प भी कहते है |
द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा

Tuesday, April 20, 2010

हैण्ड पम्प बनाये

हैण्ड पम्प बनाये
आवश्यक सामग्री.... एक एक पी. .वीसी.पाईप एक तार सायकिल के पहिये की , एक पी. .वीसी बैंड ., एक फोटो फिल्म( रील ) की खाली डिब्बी , सायकिल के पहिये की पुरानी वाल्व बोड़ी
सिद्धांत.... पिस्टन वाल्व का सिद्धांत

 
बनाने की विधि..कार्यविधि ..तार और वाल्व बॉडी को बांध कर पिस्टन बना कर एक पी वी सी  पाइप (आठ  इंच) में डाल देते है  पी वी सी बैंड में सुराख़ कर के पी वी सी पाईप के उपर लगा देते है | वाल्व तैयार करने के लिए एक कैमरे की रील के खाली डिब्बी लेते है उस की तली में एक चकोर कट काट  लेते है डिब्बी में अंदर की तरफ कटके उपर तीन तरफ  एक पंचर का टुकड़ा चिपका देते है   पंचर का एक सिरा खुला  रखना है | अब इस वाल्व को पी वी सी पाईप के नीचे लगा देते है  पी वी सी बैंड में सुराख़ कर के पी वी सी पाईप के उपर लगा देते है | इस वाल्व को पी वी सी पाइप में फिट करने के लिए हम कोई पैकिंग भी लगा सकते है जैसे चित्र में दिख रहा है मैंने अपने पाइप पर काली काली पैकिंग लगाई है यह सायकिल की ट्यूब है| अब  इस  हैण्ड पम्प को पानी से भरी बाल्टी में रख कर पिस्टन को उपर नीचे करते ही तो उपर से पानी आने लगता है बनाओ और मज़ा लो |

द्वारा--दर्शन बवेजा ,विज्ञान अध्यापक ,यमुना नगर ,हरियाणा


Sunday, April 18, 2010

साइंस ने जहन में.......

साइंस ने जहन में.......
चराग जलाये है वो साइंस ने जहन में  |
हर बशर माहिर हुआ है इल्म-ओ-फन  में  ||
डोर अन्धविश्वाश की और जातपात की,
तोड़ के बैठे है सभी इक  चमन में |
गई खुल तेरे लिए भी आसमा की राह ,
मैंने भी तारे खोज लिए नील गगन में |
चीर-ओ-दवा में इन्कलाब ला दिया है वो  ,
कि रह  सकी  बीमारियाँ ना कोई बदन में |
जाना है कुदरत को जानेगे खुदा को भी ,
उतरेगी ये किरण भी तेरे मेरे सहन में |
            द्वारा जितेन्द्र धीमान  विज्ञान अध्यापक यमुना नगर